गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

राशन डीलरों की हड़ताल से अटका गेहूं वितरण

झुंझुनू : राशन डीलरों की प्रदेश व्यापी हड़ताल के कारण जिले में पिछले एक सप्ताह से गेहूं का वितरण अटका हुआ है। इससे गरीबी रेखा से जुड़े लोगों के सामने अनाज का संकट खड़ा हो गया है। खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े लोग रोज राशन की दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन मायूस होकर वापस लौट रहे है। जिले में 6 महीने का कमीशन सहित आठ सूत्रीय मांगों के निस्तारण को लेकर राशन डीलर 1 अगस्त से हड़ताल पर हैं। राशन डीलरों ने गोदामों से अगस्त का राशन तो उठा लिया, लेकिन राशन का वितरण नहीं कर रहे हैं। पहली तारीख से राशन वितरण शुरू हो जाता है, लेकिन दुकानें बंद होने से खाली हाथ लौट रहे हैं।
राशन डीलरों ने हड़ताल से पहले सरकार को चेतावनी दी थी कि उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया गया तो वो 1 अगस्त से उचित मूल्य दुकानदारों के आर्थिक सुधार के लिए कार्य बहिष्कार कर देंगे। इस दौरान सरकार ने कोई वार्ता करना भी जरूरी नहीं समझा। ऐसे में सरकार और राशन डीलर की लड़ाई में गरीब आदमी परेशान हो रहा है। उनके घर अनाज का संकट खड़ा हो गया।
सरकार 15 अगस्त से प्रदेशभर में अन्नपूर्णा फूट पैकेट का वितरण करने जा रही है। ये पैकेट राशन के डीलरों के माध्यम से ही वितरित किए जाने है, लेकिन राशन डीलरों ने इसका विरोध कर दिया है, जिससे सरकार की यह योजना प्रभावित होगी। राशन डीलर सरकार से मिनिमम इनकम गारंटी 20 हजार या 200 रुपए प्रति क्विंटल कमीशन देने, एक प्रतिशत छीजत कटौती करने, अन्नपूर्णा फूड पैकेट का कमीशन 30 रुपए प्रति बैग करने, हर महीने का कमीशन समय पर दिए जाने, बायोमेट्रिक सत्यापन गेहूं के साथ एक ही बार में अन्नपूर्णा फूड पैकेट वितरण, प्राधिकार पत्र संशोधन के आदेश, राशन डीलर की अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों में शिथिलता देकर अनुकंपा नियुक्ति जारी करवाने की मांग कर रहे हैं। झुंझुनू जिले में कुल 729 राशन डीलरों की दुकान है जिससे 3,16,442 परिवार खाद्य सुरक्षा से जुड़े हुये हैं। जिले में कुल 13,30,357 व्यक्तियों को राशन मिलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *