शिमला : सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का इस्तीफा स्वीकार करने का कोई औचित्य नहीं है। सुक्खू ने कहा कि श्री सिंह उनके छोटे भाई हैं। उनकी जो नाराजगी है, उसे दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू ने विक्रमादित्य के इस्तीफा देने से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि श्री सिंह से बात हुई है। ऐसी कोई बात नहीं है।
वह मेरे छोटे भाई हैं। निश्चित रूप से किसी को गुस्सा आता है, तो वह इस्तीफा दे देता है। उनका इस्तीफा स्वीकार करने का कोई औचित्य ही नहीं है। बजट सत्र के दौरान उनसे आज हमारी बात हुई, लेकिन इस बीच सदन में विधानसभा अध्यक्ष आ गए। उनकी जो भी नाराजगी है उसे दूर किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मची सियासी घमासान को थामने के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा शिमला पहुंच गए हैं। राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान स्थित होटल में पार्टी पर्यवेक्षकों ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ सबसे पहले बैठक की। इसके बाद विक्रमादित्य सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी पर्यवेक्षकों से मिले। कांग्रेस आलाकमान की ओर से हिमाचल में भेजे गए दोनों पर्यवेक्षक सभी कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों से एक-एककर उनकी राय जान रहे हैं।
इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर कांग्रेस नेता सिंह ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। मैं दबाव नहीं लेता, बल्कि दबाव देता हूं। मुख्यमंत्री को बदलना चाहिए या नहीं, पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार क्षेत्र नहीं है, यह पार्टी आलाकमान तय करेगा।
