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टनल में फंसे मजदूर

सुरक्षित निकालने के लिए पांचवें दिन भी बचाव जारी

देहरादून : उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बीते रविवार को निर्माणाधीन टनल में कार्य के दौरान, भू स्खलन होने से आए मानव में फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के प्रयास शुक्रवार पांचवें दिन भी जारी हैं। अभी तक उच्च क्षमता की ड्रिलिंग मशीन से 22.00 मीटर पाईप (चार पाईप) को ड्रील किया गया है तथा पाईप न0पांच की ड्रीलिंग की कार्यवाही गतिमान है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार यानी 12 नवम्बर को फंसे मजदूरों और कार्मिकों के रेस्क्यू हेतु एस्केप टनल निर्माण किये जाने के लिये उच्च क्षमता की ड्रीलिंग मशीन / उपकरण नई दिल्ली से वायु सेना के सी 130 एयर क्रॉफ्ट के माध्यम से तीन राउंड में चिन्यालीसौड हवाई पट्टी तक पहुंचाये गये।

उक्त उपकरण/मशीन को घटना स्थल पर रात्रि तक पहुँचाते हुये रात्रि से प्रातः तक मशीन स्थापित किये जाने की कार्यवाही की गयी। तत्पश्चात, 16 नवम्बर की प्रातः 10:30 बजे से वर्तमान समय तक 22.00 मीटर पाईप (चार पाईप) को ड्रील किया गया है तथा पाईप न0पांच की ड्रीलिंग की कार्यवाही गतिमान है। उन्होंने बताया कि 900 एम0एम0 पाइप (प्रति पाइप-6 मीटर लम्बाई) 02 ट्रॉला में कुल 08 पाइप तथा 800 एम0एम0 पाइप (प्रति पाइप 6 मीटर लम्बाई) एक ट्रक में कुल पांच पाइप जिनकी कुल लम्बाई 30 मीटर एवं एक अन्य ट्रक जिसमें छह पाईप घटना स्थल पर उपलब्ध है।
उल्लेखनीय है कि तहसील डुण्डा अन्तर्गत, एनएचआईडीसीएल के सिलक्यारा पोलगांव निर्माणाधीन रोड टनल के सिलक्यारा की तरफ से टनल के अन्दर भूस्खलन के कारण मलवा आने से टनल के अन्दर 40 मजदूर फंस गए हैं। एनएचआईडीसीएल द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार, उक्त फंसे मजदूर और कार्मिकों में उत्तराखंड के दो, हिमाचल के एक, उत्तरप्रदेश आठ, बिहार के चार, पश्चिम बंगाल के तीन, असम के दो, झारखंड के 15 एवं ओड़ीसा के पांच मजदूर का होना बताया गया है।

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