नई दिल्ली : गौड़ीय मिशन द्वारा श्री चैतन्य महाप्रभु के उपदेशों को समाज में फैलाने और मानव कल्याण पर समर्पित एक दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ श्रील प्रभुपाद के 150वीं जन्मोत्सव पर आठ फरवरी को राजधानी में विश्व वैष्णव सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। भारत मंडपम में 6 से 8 फरवरी तक कार्यक्रम को आयोजन होगा और इसी दौरान आठ फरवरी को विश्व वैष्णव सम्मेलन होगा।
गौड़ीय मिशन के अध्यक्ष भक्ति सुंदर सन्यासी महाराज ने आज यहां जारी बयान में कहा “विश्व वैष्णव सम्मेलन का हृदय श्रील भक्ति सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी प्रभुपाद की गहन विरासत में है, जिनका जीवन और उपदेश दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रेरित करता हैं। यह सभी हमारे उनके सार्वभौमिक प्रेम, आध्यात्मिक ज्ञान, और आत्म-साक्षात्कार के सन्देश को फैलाने के लिए हमारे प्रतिबद्धता का साक्षी है। हम खुशी महसूस कर रहे हैं कि हम विश्व भर से भक्तों और अनुयायियों को एकत्र करके श्रील भक्ति सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी प्रभुपाद के शाश्वत उपदेशों का उत्सव मना रहे हैं और जन जन को प्रोत्साहित भी कर रहे हैं। यह सम्मेलन आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने और सार्वभौमिक भाईचारे की भावना में एकत्र होने के रूप में कार्य करता है।”
सम्मेलन में विशेष आकर्षण शामिल हैं, जिनमें प्रसिद्ध व्यक्तियों द्वारा आध्यात्मिक विचार-मंथन, एक आध्यात्मिक धरोहर पर प्रकाश डालने वाला एक प्रदर्शन और समृद्ध वैष्णव परंपरा को प्रतिबिंबित करने वाली सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं। इस सम्मेलन को श्री गौड़ीय मठ द्वारा आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रील भक्ति सिद्धांत सरस्वती गोस्वामी प्रभुपाद को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।
विश्व वैष्णव सम्मेलन आठ फरवरी को राजधानी में
