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थोक मुद्रास्फीति में गिरावट जारी

फरवरी में घट कर 3.85 प्रतिशत

नई दिल्ली : थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति फरवरी 2023 में मासिक आधार पर लगातार घटते हुए 3.85 प्रतिशत पर आ गयी। इस वर्ष जनवरी में थोक मुद्रास्फीति 4.73 प्रतिशत और दिसंबर, 2022 में 5.02 प्रतिशत थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष फरवरी माह का थोक मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष 2022-12) 150.9 अंक और उसके आधार पर मुद्रास्फीति की वार्षिक दर 3.85 प्रतिशत रही। जबकि जनवरी माह में थोक मूल्य सूचकांक 150.6 अंक था।
थोक मूल्य सूचकांक के अनंतिम आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक वस्तुओं के वर्ग में यह मुद्रा स्फीति फरवरी में 3.28 प्रतिशत थी जबकि जनवरी में यह 3.88 प्रतिशत थी। इसी तरह फरवरी में ईंधन एवं बिजली वर्ग में थोक मुद्रास्फीति 14.82 प्रतिशत (जनवरी 15.15 प्रतिशत) और विनिर्माण उत्पादों के वर्ग में थोक मुद्रास्फीति 1.94 प्रतिशत (जनवरी 2.99) प्रतिशत थी।
खाद्य वस्तुओं के वर्ग में अनंतिम आंकड़ों के आधार पर थोक मुद्रास्फीति एक माह पहले के 2.95 प्रतिशत से घट कर 2.76 प्रतिशत पर आ गयी ।
सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इस वर्ष फरवरी में एक माह पहले की तुलना में कम हो कर 6.44 प्रतिशत रही। इस साल जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति 6.52 प्रतिशत और पिछले साल फरवरी में 6.07 प्रतिशत थी।
खुदरा मुद्रास्फीति अब भी रिजर्व बैंक के लिए छह प्रतिशत की सहज सीमा से ऊपर बनी हुई है इसलिए विश्लेषकों का अनुमान है कि रिर्जव बैंक की मौद्रिक नीति समिति अपनी अप्रैल की बैठक में नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि और कर सकती है।

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