उनका आभारी होने की बजाय आम आदमी पार्टी कर रही संकीर्ण राजनीति
संवाददाता/गौरवशाली भारत
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा है कि केजरीवाल सरकार यमुना की सफाई के मामले में अपना निकम्मापन छिपाने के लिए उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना पर क्रेडिट लेने का आरोप लगा रहे हैं। पिछले आठ साल में केजरीवाल सरकार द्वारा यमुना की तरफ ध्यान न देने के बाद एनजीटी के कहने पर अब उपराज्यपाल महोदय ने यमुना की सफाई की पहल की है। उसके बाद ही सकारात्मक नतीजे सामने आने लगे हैं तो आप नेताओं को अपनी असफलता की चिंता सताने लगी है। उन्हें उपराज्यपाल श्री सक्सेना का आभार व्यक्त करना चाहिए कि उनके प्रयासों से दिल्ली में यमुना साफ होने की संभावना जागृत हुई है।
बिधूड़ी ने कहा कि यमुना की सफाई का राग अरविंद केजरीवाल 2013 से अलाप रहे हैं। उन्होंने दिल्ली की जनता के साथ वादा किया था कि वह 2020 में उनके साथ यमुना में डुबकी लगाएंगे लेकिन आज स्थिति यह बन चुकी है कि यमुना का पानी पीना तो दूर, नहाने लायक भी नहीं रहा। यमुना अब नदी न होकर एक गंदा नाला बनकर रह गई है। पिछले कई सालों से सुप्रीम कोर्ट दिल्ली सरकार को यमुना की सफाई के लिए निर्देश देती रही है और फटकार लगाती रही है। एक समय तो अरविंद केजरीवाल ने यहां तक कह दिया था कि यमुना की सफाई हो ही नहीं सकती क्योंकि इसमें बहुत सारी एजेंसियां काम करती हैं। केंद्र सरकार यमुना की सफाई के लिए साढे आठ हजार करोड़ रुपया दिल्ली सरकार को दे चुकी है लेकिन इस रकम का कोई हिसाब दिल्ली सरकार के पास नहीं है।
उन्होंने कहा कि यमुना के प्रदूषित होने का आरोप कोई राजनीतिक आरोप नहीं है बल्कि स्वयं दिल्ली सरकार की दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ही प्रमाणिक आंकड़ों के साथ यह स्वीकार कर चुकी है कि यमुना का पानी पिछले आठ सालों में दुगुनी दर से प्रदूषित हो गया है। बिधूडी ने कहा कि पिछले तीन सालों से एनजीटी दिल्ली सरकार को यमुना के प्रदूषण के प्रति सचेत कर रही है लेकिन दिल्ली सरकार के कान पर जूं भी नहीं रेंगी। अब एनजीटी ने एक हाई पावर कमेटी बनाई है और उसका अध्यक्ष उपराज्यपाल महोदय को बनाया है।
जनवरी में इस कमेटी की पहली मीटिंग के बाद उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना ने यमुना की सफाई का बीड़ा उठाया। सक्सेना के अनथक प्रयासों से ही अब यमुना के किनारे साफ हो रहे हैं, इन किनारों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं और नजफगढ़ नाले की सफाई का काम शुरू हुआ है। इन कदमों के बाद जब सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं तो आम आदमी पार्टी के नेताओं को तकलीफ होने लगी है। जो काम वे आठ साल में नहीं कर पाए, उपराज्यपाल महोदय ने सिर्फ तीन महीने में कर दिखाया है।
