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हमीरपुर में यमुना उफान पर, फसल जलमग्न

हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में माताटीला व लहचूरा बांध से छह लाख क्यूसिक पानी छोडे जाने से यमुना नदी खतरे के निशान को पार कर गयी है। बेतवा नदी खतरे के निशान के आधा मीटर दूर बतायी जा रही है। लगातार बाढ का पानी बढ़ने से नदी के किनारे बस्तियों में पानी भर गया है वही सैकडो एकड़ फसल जल मग्न हो गयी है।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता एसजे वर्मा ने शुक्रवार को बताया कि दोनो बांधो से जो पानी छोडा गया था,उसका असर यमुना व बेतवा नदी में लगातार बढ़ता जा रहा है। यमुना नदी के खतरे का निशान 103.63 मीटर है व बेतवा नदी का खतरे का निशान 104.54 मीटर है,यमुना नदी का जल स्तर 103.250 मीटर पहुच गयी है जो खतरे का निशान पार गयी है। बेतवा नदी का जल स्तर 103.330 मीटर है।
वर्मा ने बताया कि फिलहाल पानी छोडे जाने की कोई सूचना नही है। मगर शनिवार शाम तक धौल पुर से चार लाख क्यूसिक पानी यमुना नदी में छोडे जाने की सूचना प्राप्त हुई है जिससे यमुना नदी का जल स्तर एक मीटर रविवार तक बढ़ सकता है। नदी का जल स्तर लगातार बढ़ने से नदी के किनारे बसे लोगो को एलर्ट कर दिया गया है।
डिग्री कालेज कुछेछा में राहत शिविर स्थापित किया गया है वहा पर सभी विभागो के लोगो को अपने विभाग से संबंधित प्रबंध करने को कहा गया है। प्रभारी सीएमओ डा रामअवतार व डिप्टी सीएमओ डा संजय कुमार ने कुरारा,राठ मौदहा सीएचसी जाकर बाढ़ में किसी भी बीमारी से निपटने के लिये आक्सीजन प्लांट चालू करने को कहा गया है दवाओ प्रबंध कर लिया गया है वही मेरापुर,भिलावा,डिग्गी,टिकरौली,कुछेछा गांवों की खरीफ की फसले जल मग्न हो गयी है। बेतवा घाट मोहाल में करीब दस घरो में बाढ का पानी घुस गया है।
तहसीलदार का कहना है कि जानवरो के चारे भूसे का प्रबंध कर लिया गया है। बिजली विभाग को बाढ के समय बिजली आपूर्ति करने के आवश्यक दिशा निर्देश दे दिये गये है। वही जिलाधिकारी ने कर्मचारियों के अवकाश लेने पर रोक लगा दी है। एडीएम विजयशंकर तिवारी का कहना है कि बाढ के सारे प्रबंध कर लिये गये है। अभी चिंता की कोई बात नही है। लेखपाल व कानूनगो व अन्य राजस्व कर्मियों को डियूटी पर लगा दिया गया है।

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