बाराबंकी : अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुये कहा कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान जिस निवेश का दावा सरकार द्वारा किया जा रहा था उन्हें अब तक धरातल पर नहीं उतारा जा सका और हालात यह है कि निवेशकों को सरकार ढूंढ रही है। एक निजी स्कूल की शाखा का शुभारंभ करने के बाद यादव ने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त है और अधिकारी पूरी तरीके से बेलगाम हो चुके हैं।
बाराबंकी की एक महिला को विधानसभा के सामने न्याय के लिए आत्महत्या करनी पड़ती है तो वहीं हैदरगढ़ में एक व्यक्ति की थाने पर मौत हो जाती है। भाजपा के खिलाफ महागठबंधन के प्रयास को लेकर उन्होंने कहा “ लोकसभा चुनाव में मेरा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक दल साथ आएं।” श्री यादव ने हालांकि कांग्रेस से गठबंधन को लेकर उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। लोकसभा चुनाव में सपा के कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।
प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्हाेने कहा कि योगी सरकार मेडिकल कॉलेजों के सपने दिखा रही थी लेकिन जिला अस्पताल भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। आज प्रदेश में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं, लखनऊ के चक गंजरिया में कैंसर इंस्टिट्यूट का निर्माण हुआ था लेकिन सरकार ने उसे संचालित नहीं करवाया लोग इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
भारतीय जनता पार्टी और उनके साथ मिले दल लोगों को बांटने का काम कर रहे हैं। चुनाव के समय लोगों को एकता का पाठ पढ़ा कर उन्हें गुमराह किया जाता है। यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म करने का दावा करते हुए नोटबंदी की लेकिन आज सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार चरम पर है। अब 2000 रुपये के नोट बंद कर दिए। समान नागरिक संहिता पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
