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योगी ने एसजीपीजीआई में किया 1147 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ

लखनऊ : योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को संजय गांधी स्नानाकोत्तर आर्युविज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में 1147 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इस अवसर पर उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2017 से पहले जहां प्रदेश के 18 जिलों में ही मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज प्रदेश के 64 जिलों में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की ओर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में आज एमबीबीएस और पीजी की सीटें पहले की तुलना में दोगुनी से अधिक हुई हैं। प्रदेश में एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की आवश्यकता काफी समय से थी क्योंकि प्रदेश में बच्चों से जुड़ी बीमारियों को मैंने नजदीक से देखा है।
इसको लेकर सांसद रहने के दौरान संसद और सड़क पर आंदोलन भी किया। वहीं, सरकार आने के बाद डबल इंजन के प्रयास से जल्द ही एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर मूर्त रूप लेगा। हमने जापानी इंसेफेलाइटिस का समाधान करने में सफलता पायी है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इससे सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होते थे।
श्री योगी ने इससे पहले सलोनी हार्ट सेंटर, एडवांस डायबिटीज सेंटर, टेली आईसीयू का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने एसजीपीजीआई में एडवांस डायबिटीज सेंटर, टेली आईसीयू, सलोनी हार्ट सेंटर (प्रथम चरण), कॉलेज ऑफ मेडिकल टेक्नोलॉजी का छात्रावास का उद्धाटन और एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर, सलोनी हार्ट सेंटर (द्वितीय चरण), रैन बसेरा का शिलान्यास किया।
उन्होने कहा कि एसजीपीजीआई देश और प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है। ऐसे में, प्रदेश के पूर्वी, पश्चिमी, मध्य, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की प्राथमिकता हाेती है कि उसे यहां बेड प्राप्त हो जाए, लेकिन इसको लेकर काफी समस्या अक्सर सामने आती है। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है।
इसी के तहत एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर में 575 बेड्स के निर्माण की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। यहां 22 विभागों की सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसमें हार्मोंस, डायबिटीज, पीडियाट्रिक आईसीयू, इमरजेंसी पीडियाट्रिक जेनेटिक, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी समेत अन्य बीमारियों का इलाज एक छत के नीचे होगा।
योगी ने कहा कि सलोनी हार्ट सेंटर के पहले चरण की शुरुआत हो गयी है। वहीं, सेंटर के दूसरे चरण का एमओयू साइन हो गया है।
इसके जरिये सलोनी हार्ट सेंटर 200 बेड की विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ हर साल 5 हजार बच्चों की हार्ट से जुड़ी हुई गंभीर सर्जरी कर उन्हे सुखमय जीवन देगा। साथ ही, हर साल दस हजार बच्चों को सेकेंड ओपिनियन आदि उपलब्ध कराएगा। इसके लिए, सलोनी हार्ट फाउंडेशन के प्रयासों के हम सभी आभारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओएनजीसी के 51 करोड़ के सीएसआर फंड से एक हजार बेड के रैन बसेरा के निर्माण की कार्रवाई शुरू हो गयी है। इससे यहां आने वाले तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी। यहां पार्किंग और कैंटीन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी जहां तीमारदारों को 15 से 20 रुपये में भरपेट भोजन मिलेगा। वहीं, 200 छात्रों के लिए कॉलेज आॅफ मेडिकल टेक्नोलॉजी छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है।
योगी ने दीपावली से पहले एसजीपीजीआई को इन योजनाओं के लिए बधाई दी। संस्थान समयबद्ध तरीके से आगे चले इसके लिए प्रदेश सरकार के स्तर पर हर संभव मदद की जाएगी। इसके लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, एसजीपीजीआई प्रो. राधा कृष्ण धीमन, सलोनी हार्ट फाउंडेशन की अध्यक्ष मृणालिनी (मिली) सेठ, हिमांशु सेठ, यूएस के डॉ. वी मोहन रेड्डी आदि मौजूद थे।

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