जयपुर : वासुदेव देवनानी ने कहा है कि युवा सहयोग, सहिष्णुता, प्रेम ,करुणा और वात्सल्य का भाव रखें और वे भारत के लिए जीये तथा उन्हें ऐसी शिक्षा देने की आवश्यकता है जिससे वे भारतीयता की अनुभूति कर सकें। देवनानी शनिवार को यहां मोतीडूंगरी स्थित नायला बाग पैलेस में जुकोल ग्रुप द्वारा आयोजित आईआईटी वी नीट में सफल विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री देवनानी ने विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा होनहार, होशियार और प्रतिभावान बच्चों को उनके पैरों पर खड़े होने तक मदद करना वाकई सच्ची राष्ट्र सेवा है।
यह बच्चे राष्ट्र के कल के नहीं बल्कि आज के नागरिक हैं। बच्चे राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे । राष्ट्र की गौरवशाली संस्कृति पर गौरव की अनुभूति करें। राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने युवाओं का आवाहन किया कि वे गरीब और गांव को ना भूले। हमें हर समय कच्चे घर और पक्के इरादों का ध्यान रखना है । इससे निश्चित रूप से समाज के उस तबके को लाभ मिलेगा जो किन्हीं कारणों से शिक्षा और अपने आप को बेहतर साबित करने के मंच से वंचित रह गए हैं । श्री देवनानी ने कहा कि परमार्थम संस्था को जयपुर के आसपास के क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश के गांव-गांव और ढाणी ढाणी से छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाकर उन्हें समाज एवं राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार करना चाहिए।
देवनानी ने कहा कि युवाओं में अदम्य ऊर्जा, साहस और असंभव को संभव करने की अपार शक्ति होती है और ऐसा कोई काम नहीं है जो वे नहीं कर सकते हैं। जीवन में उद्देश्य अवश्य रखना चाहिए। युवाओं के लिए जरूरी है कि वह जीवन में उद्देश्य रखें। उद्देश्य पूर्ण जीवन जीने से स्वयं के जीवन के साथ परिवार, समाज और राष्ट्र को नई दिशा मिलती है। युवाओं का जीवन का उद्देश्य राष्ट्र के उद्देश्य के अनुरूप होना आवश्यक है। श्री देवनानी ने कहा कि कूटनीतिक इतिहास से युवाओं में भारतीयता का भाव नहीं आ सकता। अब नए भारत का उदय हो रहा है। भारत विश्व का सिरमौर बना है। भारत वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से पुरातन काल से ही समृद्ध रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे नौकरी देने वाले बने।
