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युवा किसी भी राज्य से पीछे नहीं रहे, यहीं हमारा ध्येय

जयपुर : अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में पूरे देश में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं और प्रदेश का युवा देश में किसी भी राज्य से पीछे नहीं रहे, इसी संकल्प के साथ काम किया जा रहा है। गहलोत मंगलवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के विधि महाविद्यालय मे छात्रसंघ कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संघर्ष से ही विजय मिलती है। विद्यार्थियों को हार-जीत की परवाह किए बगैर सत्य के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी ‘सेवा ही कर्म, सेवा ही धर्म‘ को अपना ध्येय मानते हुए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाएं पहुंचा रही है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य है, जहां हर जिले में मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज है। यहां देश की प्रतिष्ठित आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थान स्थापित हैं। हमारा मूल उददेश्य है कि एक भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित नहीं रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण आज राज्य शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। आज राज्य में 90 विश्वविद्यालय हो गए हैं। वहीं, राज्य में 75 साल में सिर्फ 250 महाविद्यालय थे, जबकि हमने पिछले चार साल में ही 284 नए कॉलेज खोले हैं, जिनमें 94 कन्या महाविद्यालय हैं। अब विदेश में शिक्षा के लिए राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाकर 500 कर दी गई है। मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में भी विद्यार्थियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 30 हजार कर दी गई है।
गहलोत ने कहा कि हमें युवाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जो भी सुझाव प्राप्त हुए, हमने उन्हीं के अनुरूप बजट घोषणाएं कर धरातल पर उतारा है। राज्य में 500 करोड़ रुपए का युवा विकास एवं कल्याण कोष भी बनाया है। शीघ्र ही युवा नीति भी लाई जाएगी।

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