पटना : बिहार में पटना व्यवहार न्यायालय स्थित बच्चों का लैंगिक अपराध से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की एक विशेष अदालत ने बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में आज दोषी को 10 वर्षों के कारावास की सजा के साथ 30 हजार रुपये का जुर्माना भी किया।
विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र प्रसाद ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र के मुस्तफापुर गांव निवासी सत्येंद्र प्रसाद सिंह को पॉक्सो अधिनियम की धारा चार एवं भारतीय दंड विधान की धारा 376 के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो महीने के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। इसके साथ ही अदालत ने पीड़िता को मुआवजे के तौर पर चार लाख रुपये दिए जाने का आदेश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है।
मामले के विशेष लोक अभियोजक मोहम्मद गयासुद्दीन ने बताया कि दोषी ने वर्ष 2020 में धनरूआ थाना क्षेत्र में एक तेरह वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए छह गवाहों का बयान न्यायालय में कलमबंद करवाया था।
नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 वर्षो की कैद
