हमीरपुर : उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में पीपीपी माडल के तहत चार करोड़ 16 लाख रूपये लागत का 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के अनाज भंडारण गृह का निर्माण किया जायेगा। यह गोदाम मौदहा ब्लाक में स्थापित किया जायेगा। इसके अलावा दो ब्लाकों की सहकारी समितियों को सुदृढ़ीकरण के लिये 32 लाख रुपये खर्च किये जायेगे।
सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक रामसागर चौरसिया ने गुरूवार को बताया कि जिले में सहकारी समितियों की खराब स्थिति को देखते हुये शासन ने पीपीपी(प्राइवेट पार्टनरशिप परफारमेंस) के तहत एग्रीकल्चरल इंफास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) से ऋण उपलब्ध कराकर समितियों को मजबूत करने और 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का स्टोर स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह स्टोर मौदहा ब्लाक के इचौली गांव में स्थापित किया जायेगा। इसके लिये शासन ने स्टेट बेयर हाउसिंग कारपोरेशन निर्माण एजेंसी को नियुक्त कर दिया गया है।
श्री चौरिसिया ने बताया कि स्टोर तैयार हो जाने के बाद जो अनाज भंडारण के लिये गैर जिले का मुह ताकना पड़ता था उससे .छुटकारा मिल जायेगा। यह भंडारण कानपुर का एक व्यापारी स्थापित करा रहा है,इसकी निगरानी सहकारिता विभाग करेगा। भंडार गृह बन जाने के बाद इसे राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को किराये में उठा दिया जायेगा। पचास हजार एमटी का स्टोर जिले में होने से भंडारण की समस्या हमेशा के लिये समाप्त हो जायेगी।
इसी प्रकार कुरारा व मुस्करा ब्लाक में 16-16 लाख रुपये सहकारी समितियों को रिपेयरिंग करने के लिये ऋण दिया गया है। इसमे चार चार लाख रुपये कार्यदायी संस्था को ऋण के रुप में एआईएफ ने आवंटन कर दिया है। जिसमे काम शुरु हो गया है। बाद में इन्ही सहकारी समितियों से यह ऋण वापस लिया जायेगा। राठ में में भी 16 लाख रुपये ऋण के रुप में दिया जाना था मगर वहां पर सहकारी समितियों में ज्यादा टूट फूट होने के कारण कार्यदायी संस्था ने काम लेने से साफ इंकार कर दिया है।
इसी प्रकार रीवन व इंगोहटा में भी सहकारी समितियों को रिपेयरिंग करने के लिये दो दो लाख ऋण स्वीकृत हुआ था मगर वहां पर कम बजट होने के कारण कोई काम करने को तैयार नही है। एआर कोआपरेटिव ने बताया कि सहकारी समितियों की स्थिति ठीक करने के लिये सरकार ने प्रयास शुरु कर दिये है। जो समितिया जीण शीर्ण थी उनकी स्थिति ठीक हो जायेगी।
हमीरपुर में बनेगा 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता का अनाज गोदाम
