निवेश पर 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी
पटना : बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में आधारभूत संरचना निर्माण और निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए आज पर्यटन नीति, 2023 को मंजूरी दे दी, जिसके तहत दस करोड़ रुपये के निवेश पर 30 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने मंगलवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद कि बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि इस नीति के तहत पर्यटन के क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए दस करोड़ रुपये तक के निवेश में 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। इस सब्सिडी की अधिकतम सीमा तीन करोड़ रुपये होगी। उन्होंने बताया कि पर्यटन क्षेत्र में 50 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिसकी अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये होगी। इसी तरह 50 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वालों को 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 25 करोड़ रुपये होगी।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सब्सिडी की प्रतिपूर्ति वाणिज्यिक परिचालन शुरू होने पर 50 प्रतिशत, वाणिज्यिक संचालन शुरू होने के दो वर्ष पूरा होने पर 25 प्रतिशत और पांच वर्ष पूरा होने पर 25 प्रतिशत के रूप में की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत निवेशकों को अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दिये जाने की व्यवस्था कि गई है।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि मंत्रिमंडल ने राज्य में पूर्व से स्वीकृत 7115 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को सामान्य आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्क्रमित करने का निर्णय लिया है। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए केंद्रांश एवं राज्यांश बाद में 136 करोड 10 लाख 28 हजार 350 रुपए की राशि व्यय की स्वीकृति दी गई है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सरकार ने एक अन्य निर्णय में छपरा प्रमंडलीय जिला मुख्यालय में स्थित 600 क्षमता प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी का नाम श्री भिखारी ठाकुर प्रेक्षागृह सह आर्ट आर्ट गैलरी रखे जाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। अलग-अलग विभागों के लिए 370 से अधिक पद सृजन और बिहार मत्स्य लिपिकीय संभव भारती एवं सेवा शक्ति नियमावली 2023 के गठन को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 29 प्रस्ताव स्वीकृत किए गये हैं।
