पटना : बिहार में पटना की एक विशेष अदालत ने मानहानि के मामले में आज पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के खिलाफ आरोप तय कर दिया। सांसदों एवं विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत की न्यायाधीश सारिका बहालिया ने खुली अदालत में मामले में अभियुक्त बनाए गए मोदी को उनके ऊपर लगाये गये आरोपों का सारांश पढ़ कर सुनाया। मोदी ने अपने ऊपर लगाये गये आरोपों से इनकार किया, जिसके बाद अदालत ने शिकायतकर्ता को अपने साक्ष्य पेश करने के लिए 06 फरवरी 2024 की अगली तिथि निश्चित की है।
गौरतलब है कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. रामाश्रय यादव ने भारतीय दंड विधान की धारा 500 के तहत मानहानि का मुकदमा परिवाद पत्र संख्या 5070 सी 2017 मोदी के खिलाफ दाखिल किया है। इस मुकदमे में संज्ञान लेने के बाद अदालत ने मोदी के खिलाफ सम्मन जारी किया था। बाद में मोदी कोई इस मामले में सशरीर उपस्थिति से छूट मिली थी। अदालत के निर्देश पर आज मोदी न्यायालय में आरोप का सारांश सुनने के लिए सशरीर उपस्थित हुए थे।
दाखिल किए गए शिकायती मुकदमे के आरोप के अनुसार, मोदी के 20 अगस्त 2017 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए उस बयान को मानहानि वाला बताया गया है जिस बयान में कथित रूप से श्री मोदी ने कहा था कि प्रोफेसर डॉक्टर रामाश्रय यादव ने बीपीएससी अध्यक्ष का पद लालू प्रसाद यादव को जमीन देकर लिया था।
मानहानि मामले में सुशील के खिलाफ आरोप तय
