पटना : राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज कहा कि आध्यात्मिकता भारत का प्राण है और इसी के कारण विश्व में हमारा गौरव बढ़ा है। आर्लेकर ने शुक्रवार को यहां संस्कार भारती बिहार प्रदेश एवं सीमेज शैक्षणिक समूह द्वारा श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित ‘इन्सपायरो-2024’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “आध्यात्मिकता भारत का प्राण है और इसी के कारण विश्व में हमारा गौरव बढ़ा है।”
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की संस्कृति, परंपरा और विरासत से दुनिया को अवगत कराया। स्वामी जी सहित भारत के अन्य महापुरूषों ने दूसरे देशों के लोगों को अध्यात्म की बातें बतायी ताकि विश्व का कल्याण हो सके। राज्यपाल ने कहा कि अपने मत और धर्म को किसी पर जबरदस्ती थोपना और इन्हें स्वीकार करने के लिए विवश करना हमारी परंपरा नहीं रही है। स्वामी विवेकानंद से प्रभावित होकर एक विदेशी द्वारा हिन्दू धर्म स्वीकार करने की इच्छा व्यक्त करने पर उसे ऐसा करने से मना कर दिया। उन्होंने उसे उसके अपने ही धर्म का अनुसरण करने को कहा।
