दरभंगा : बिहार के दरभंगा जिले की एक अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी युवक को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रतिमा परिहार की अदालत ने एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के जुर्म में सिंहवाड़ा थाना के लोड़िका गांव के राजा सहनी के पुत्र केदार सहनी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता के राहत एवं पुनर्वास के लिए छह लाख रुपये का प्रतिकर अनुदान भुगतान करने का आदेश भी दिया है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार पारिजात ने बताया कि न्यायालय ने भारतीय दण्ड विधान संहिता की धारा छह पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदण्ड, 376 (2) में 10 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदण्ड और धारा 4, पोक्सो एक्ट में 10 वर्ष की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
श्री पारिजात ने बताया कि वर्ष 2020 के जनवरी में लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था। घटना की प्राथमिकी महिला थाना में दर्ज की गई। नाबालिग लड़की की पेट से जन्म लिये मृत शिशु का खुलासा डी एन ए जांच से किया गया कि वह अभियुक्त केदार सहनी ही है। गैर सरकारी गवाहों ने तो अभियोजन को सहयोग नहीं किया लेकिन पीड़िता और उसकी माँ की साक्ष्य तथा डी एन ए जांच ने दुष्कर्मी का नाम बताया।
न्यायाधीश ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद यह निर्णय सुनाया है। पीड़िता के राहत एवं पुनर्वास के लिए 6 लाख रुपये का प्रतिकर भुगतान करने का आदेश भी दिया है। जो राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के द्वारा पीड़िता को प्रदान किया जायेगा।
दुष्कर्म, दोषी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास
