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आज उत्तराखंड में विकास की गंगा बह रही है

पिथौरागढ़ : जगत प्रकाश नड्डा ने गुरुवार को पिथौरागढ़ में कहा कि मौजूदा समय में उत्तराखंड में विकास की गंगा बह रही है।
श्री नड्डा ने इस दौरान विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ वह लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक आपको धोखा दिया है, जिन्होंने घोटाले किए, जिन्होंने आपके विकास में रोड़ा अटकाकर आपको विनाश की तरफ धकेला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सैनिकों को वन रैंक, वन पेंशन दिया गया। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री जी के कथन धरती पर उतरते हुए दिख रहे हैं। आज उत्तराखण्ड में विकास की गंगा बह रही है।
श्री नड्डा ने यहां गुरुवार को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अजय टम्टा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज जब हम चुनाव की बेला में जा रहे हैं, तो हमें ये याद रखना चाहिए कि वीरों को न्याय दिलाने और 40 साल से कांग्रेस द्वारा दिये जा रहे धोखे से न्याय दिलाने यानी वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) का काम प्रधानमंत्री मोदी जी के द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इस शताब्दी का तीसरा दशक, उत्तराखंड के विकास का दशक होगा। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आज प्रधानमंत्री द्वारा कही गई ये बातें धरती पर दिख रही हैं और विकास की नई गंगा बह रही है।
श्री नड्डा ने कहा कि इस चुनाव में एक तरफ वो लोग हैं, जिन्होंने उत्तराखंड के दर्द को समझा है, जिन्होंने उत्तराखंड को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिन्होंने उत्तराखंड के युवाओं की आकांक्षाओं को पंख लगाने का काम किया, जिन्होंने महिलाओं को ताकत देकर उनका सशक्तिकरण किया है, जिन्होंने उत्तराखंड को मुख्यधारा में लाने में कोई कमी नहीं छोड़ी। वहीं दूसरी तरफ वो लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक आपको धोखा दिया है, जिन्होंने घोटाले किए, जिन्होंने आपके विकास में रोड़ा अटकाकर आपको विनाश की तरफ धकेला है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कोयला, बोफर्स, 2जी, कॉमनवेल्थ के घोटाले हुए। कांग्रेस ने न जल छोड़ा, न नभ, न पाताल छोड़ा, तीनों लोकों में घोटाले किए। ये कांग्रेस का इतिहास है। उन्होंने कहा कि आपको उन लोगों का चयन करना है, जिन्होंने उत्तराखंड का दर्द समझा और इसे आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, युवाओं की आकांक्षाओं को पंख लगाने का काम किया, जिन्होंने महिलाओं का सशक्तिकरण किया। उन्होंने इस बात की खुशी व्यक्त की कि मुझे आज देवभूमि और वीरभूमि में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। यह ऐसी भूमि है जहां हम देवताओं को पूजते हैं। यहां पर हर व्यक्ति देवतुल्य है और सात्विकता भी मन में बसी हुई है।

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