दरभंगा : बिहार में दरभंगा की एक अदालत ने नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में एक युवक को 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के जुर्म में मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के वोअरिया गांव निवासी स्व० कासिम के बेटे मोहम्मद तबारक को 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने बताया कि अदालत ने बुधवार को दाेषी करार दिये गये अभियुक्त तबारक को सजा निर्धारण के बिन्दु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की बहस सुनने तथा अभियुक्त के खिलाफ अभिलेख पर मौजूद साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद उसे भारतीय दण्ड विधान (भादवि) की धारा 376 एबी में 20 वर्ष एवं दस हजार रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो ऐक्ट की धारा छह में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपए अर्थ दण्ड की सजा सुनायी है।
श्री कुमार ने बताया कि 11 वर्षीय पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ दरभंगा के दोनार स्थित एक निजी विद्यालय के हॉस्टल में रहकर पढ़ती थी। वर्ष 2020 में लॉकडाउन में विद्यालय बंद हो गया तथा दोनों बच्ची घर आ गई। बाद में विद्यालय में ऑनलाईन पढाई शुरु हुई तो अभियुक्त ने बच्चों से अपना व्हाट्सएप नंबर स्कूल के ग्रूप से जुड़वाकर बच्चियों को पढ़ने के लिए अपने घर बुलाया तथा पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और पीड़िता का अश्लील वीडिओ विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया। इसकी प्राथमिकी 8 अगस्त 2020 को कोतवाली ओपी में दर्ज हुई थी। दुष्कर्मी को मिली सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।
बच्ची के साथ दुष्कर्म, दोषी को 20 साल का सश्रम कारावास
