गंगटोक : सिक्किम का उत्तरी इलाका लगातार हो रही बारिश के कारण एक बार फिर से बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में गया है। बारिश जनित घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है तथा कई अन्य लोग लापता हैं। गुरुवार सुबह से देर रात तक जारी बारिश के चलते भारी तबाही हुई है। सड़क ढहने से कई पर्यटक फंस गए हैं। तिस्ता नदी में जल बढ़ने से आसपास के घर ताश की पत्तों की तरह ढह गए।
इस बीच, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने जिला प्रशासन को तुरंत राहत और बचाव के सारे प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के मुताबिक अंबीथांग (रंगरंग के पास) तीन लोग लापता हो गए हैं। पक्षेप (मंगन के पास) दो लोग लापता हो गए हैं, जबकि एक शव बरामद हुआ। इसी तरह से गेयथांग (जंगु) में तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नामपथांग (पेंटोक, मंगन के पास) कई घर क्षतिग्रस्त हो गए व सड़क अवरुद्ध हो गई। ब्रिंगबोंग ओपी के पास में दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया। संकलांग में पुल की नींव क्षतिग्रस्त हो गई है। उत्तर में मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहा। प्रशासन ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को मौके पर भेजने का अनुरोध किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सिक्किम और बंगाल के पहाड़ी जिले बारिश से जलमग्न हो गए। कलिम्पोंग तीस्ता बाज़ार बाढ़ में डूब गया है। एक के बाद एक घर ताश के पत्तों की तरह बह गए। सिक्किम में भारी बारिश के कारण तीस्ता का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। कलिम्पोंग के पहाड़ी इलाके हों या मैदानी इलाके का तीस्ता बैराज इलाका, कई शहर प्रभावित हैं। प्रशासन पहले से ही सतर्क है। सिक्किम जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 10 सोमवार रात से शुक्रबार तक अवरुद्ध है। यंगून का माजुआ गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। कई पर्यटक फंस गए हैं।
भूस्खलन के चलते चंगथांग से तुंग नागा की सड़कें बंद हैं। बारिश के कारण गंगटोक के शिव मंदिर क्षेत्र के पास पैनिहौस में भी भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के कारण मंगन से चुंगथांग होते हुए तुंग नागा तक की सड़क बंद कर दी गई है।
सिक्किम की पहाड़ियों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। तीस्ता नदी उफान पर है। पानी तेजी से बह रहा है। किनारे टूट रहे हैं। खतरे से बचने के लिए तीस्ताबाजार से दार्जिलिंग तक का रास्ता पहले ही बंद कर दिया गया है। तीस्ता के तट पर रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। प्रशासन जलपाईगुड़ी तीस्ता नदी के किनारे के निवासियों को चेतावनी दे रहा है। भारी बारिश के कारण रानीखोला नदी उफान पर है और सड़क के ऊपर से बह रही है। कई घरों में नदी का पानी घुस गया।
भारी बारिश से तबाही की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री तमांग ने कहा कि गुरुवार से लगातार हो रही बारिश के बाद मंगन के आसपास के इलाकों और उत्तरी सिक्किम के विभिन्न स्थानों पर हुए भारी और विनाशकारी भूस्खलन के बारे में जानकर मुझे गहरा सदमा और दुख हुआ है। इस विनाशकारी घटना के परिणामस्वरूप लोगों की दुखद हानि हुई, घर बह गए और परिवारों का विस्थापन हुआ।
श्री तमांग ने कहा कि सरकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है। त्वरित और व्यापक प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मैंने उत्तरी जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और संबंधित विभागों से संपर्क किया है। वे पीड़ितों और प्रभावित परिवारों को उनकी रिकवरी, अस्थायी निपटान और बहाली के साथ-साथ बुनियादी जरूरतों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है और शोक संतप्त परिवारों और भूस्खलन से प्रभावित और विस्थापित सभी लोगों को अधिकतम सहायता प्रदान करेगी। श्री तमांग ने कहा,“मैं सिक्किम के हमारे लोगों की जरूरतों और पीड़ाओं की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने जल्द ही वापस आऊंगा।” गौरतलब है कि श्री तमांग अरुणाचल प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री पेमा खांडू और प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए शुक्रवार को ईटानगर में हैं।
सिक्किम में लगातार बारिश से भूस्खलन का कहर,छह की मौत,कई लापता
