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दिल्ली में ‘इंटरनेशनल सेंटर फॉर सिख स्टडीज’ का उद्घाटन

सिखों के पांच तख्तों के जत्थेदारों ने सोमवार को दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब परिसर में बने इंटरनेशनल सेंटर फॉर सिख स्टडीज और श्री गुरु तेग बहादुर होलोग्राफिक ऑडिटोरियम काे अरदास के बाद सिख समुदाय के सुपुर्द कर दिया।

इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा प्रयास है जो डीएसजीएमसी और वर्ल्ड पंजाबी आर्गेनाईजेशन के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह साहनी ने मिल कर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पहले भी डीएसजीएमसी द्वारा कौम के लिए प्रशंसनीय कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए वह दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी को बधाई देते हैं और उम्मीद करते हैं कि आगे भी कमेटी कौम के लिए बढ़-चढ़ कर काम करेगी।

डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने उद्घाटन के बाद संयुक्त बयान में कहा, “आज का दिन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस परियोजना का उद्घाटन स्वयं पांच तख्त के जत्थेदार साहिबानों के कर कमलों द्वारा हुआ है। आज के समागम में हमने डीएसजीएमसी के गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों (जीएचपीएस) और कालेजों के प्रधानाचार्याें को भी निमंत्रण दिया, ताकि इस परियाेजना के बारे में हमारे शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों को गुरु साहिबान के इतिहास से परिचित करवाया जा सके।”

दोनों कमेटी पदाधिकारियों ने उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगों को निमंत्रण दिया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में इस अहम परियोजना के बारे में लोगों को परिचित करवाएं, ताकि लोग यहां आकर सिख इतिहास देख सकें। उन्होंने बताया कि यहां प्रतिदिन शाम पांच से छह बजे तक 40 से 50 मिनट की लघु फिल्म दिखाई जाएंगी, जो सिख विरासत और धर्म पर आधारित होंगी। उन्होंने इस परियोजना के लिए विक्रमजीत सिंह साहनी और रवेल सिंह का आभार जताया और त्रिलोचन सिंह को इस परियोजना का चेयरमैन घोषित किया।

उल्लेखनीय है कि डीएसजीएमसी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों की अगुवाई में शुरू की इस परियोजना में विक्रमजीत सिंह साहनी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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