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होमलैस चिल्ड्रन के लिए बॉडिंग स्कूल के विरोध में ग्रामीण दे रहे धरना

  • दिल्ली ग्राम पंचायत संघ ने सरकार से योजना रद्द करने की मांग की
  • दिल्ली सरकार की योजना के खिलाफ आज होगी पंचायत
    नई दिल्ली : पश्चिम दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के नानकहेड़ी गांव स्थित राजकीय सह शिक्षा उच्च स्कूल को होमलैस चिल्ड्रन के लिए बॉडिंग स्कूल में तब्दील करने के विरोध में दिए जा रहे धरने में आज दिल्ली ग्राम पंचायत संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए। इस मौके पर संघ के प्रमुख थानसिंह यादव व 360 गांव की सर्व खाप की तरफ सुरेश शौकीन आठ गांव के प्रधान ने कहा कि सभी सरकार दिल्ली देहात के गांवों को बर्बाद करने की योजनाएं बना रही है। इस कड़ी में नानकहेड़ी गांव में होमलैस चिल्ड्रन के बॉडिंग स्कूल बनाया जा रहा है। उन्होंने ऐेलान किया कि ग्रामीण ऐसी किसी भी योजना को अमलीजामा नहीं पहनाने देंगे। धरने पर बड़ी संख्या में बैठे इलाके के ग्रामीणों को संबोधित करते हुए थानसिंह यादव व सुरेश शौकीन ने कहा कि नानकहेड़ी गांव में दिल्ली सरकार की होमलैस चिल्ड्रन के बॉडिंग स्कूल बनाने की योजना से इलाके के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने से वंचित हो जाएगे, क्योंकि इस स्कूल में दिल्ली के कई गांवों के अलावा हरियाणा के सीमावर्ती गांवों के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण करने आते है।
    उन्होंने कहा कि गांवों स्थित ग्रामसभा भूमि का ग्रामीणों को सु‌विधा उपलब्ध कराने के लिए ही उपयोग होना चाहिए। दिल्ली सरकार होमलैस चिल्ड्रन के लिए बॉडिंग स्कूल बनाना चाहती है वह शहर में बनाए, ये बच्चे शहरी इलाके की सड़कों पर ही रहते है। दूसरी ओर उन्होंने दिल्ली की सभी पंंचायतों से अपील की कि नानकहेड़ी गांव में रविवार को होने वाली पंचायत में वह शिरकत करें। वहीं उन्होंने उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार को चेतावनी दी कि नानकहेड़ी गांव में ही नहीं, बल्कि अन्य किसी भी गांव में होमलैस चिल्ड्रन के बॉडिंग स्कूल नहीं बनने दिया जाएगा। इसके अलावा गांवों को बर्बाद करने वाली योजना को भी अमलीजामा नहीं पहनाने दिया जाएगा।
    इस मौके पर नानकहेड़ी गांव के प्रमुख देवेंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना जल्द ही रद्द नहीं किए जाने पर जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव किया जाएगा और उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री निवास पर भी डेरा डालने से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान राकेश पहलवान, रामफल, नरेश, आशीष, सुरेंद्र फौजी आदि ने भी दिल्ली सरकार से इस योजना को रद्द करने की मांग की।

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