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 सदियों से चली आ रही मॉर्निंग कोर्ट की व्यवस्था समाप्त

पटना : ब्रिटिश हुकूमत में स्थापित सदियों से बिहार की निचली अदालतों में चली आ रही मॉर्निंग कोर्ट की व्यवस्था को पटना उच्च न्यायालय ने आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है l पटना उच्च न्यायालय ने बिहार की निचली अदालतों के लिए बनाई गई नियमावली क्रिमिनल कोर्ट्स रूल्स और सिविल कोर्ट रूल्स में संशोधन की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार, क्रिमिनल कोर्ट रूल्स और सिविल कोर्ट रूल्स जिनसे निचली अदालतों की व्यवस्था चलती है में मॉर्निंग कोर्ट के प्रावधान को विलोपित कर दिया गया है l
गौरतलब है कि इस व्यवस्था के विलोपित किए जाने से पूर्व राज्य की निचली अदालतों में मॉर्निंग कोर्ट की व्यवस्था थी, जो अप्रैल से जून तक जारी रहती थी। इस दौरान अदालत की बैठके सुबह 6:00 बजे से दिन के 12:00 बजे तक लगा करती थी। संशोधन के बाद अब अदालतें नियमित रूप से 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक चलेगी। संशोधन की अधिसूचना जारी होने एवं पटना उच्च न्यायालय से प्राप्त पत्र के आलोक में पटना के जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पूर्व में जारी की गई मॉर्निंग कोर्ट की सूचना को रद्द कर दिया है।
पटना उच्च न्यायालय के इस ऐतिहासिक कदम से निचली अदालत के वकीलों के बीच हर्ष व्याप्त है। 50 वर्षों से पटना सिविल कोर्ट में वकालत कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश शर्मा ने पूछे जाने पर कहा कि यह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कदम है, जिसकी आवश्यकता थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रचंड गर्मी होने पर पटना उच्च न्यायालय की तरह निचली अदालतों में भी ग्रीष्मावकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। पूर्व में भी पटना उच्च न्यायालय ने मॉर्निंग कोर्ट की व्यवस्था को एक बार वर्ष 2004 में समाप्त करने का निर्णय लिया था लेकिन संशोधन की तकनीकी रुकावट के कारण यह लागू नहीं रह सका था।

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