पटना : सुशील कुमार मोदी ने सासाराम उपद्रव मामले में भाजपा नेता की गिरफ्तारी के बाद आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला और कहा कि कुमार दंगाइयों एवं अपराधियों को बचाने और राम भक्तों को फंसाने में लगी है। मोदी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि नीतीश कुमार एक तरफ पूर्व सांसद आनंद मोहन सहित 27 दुर्दांत अपराधियों की रिहाई के लिए कानून बदल रहे हैं, तो दूसरी ओर कुशवाहा समाज के सम्मानित नेता तथा पांच बार विधायक रहे जवाहर प्रसाद को गिरफ्तार कर उन्हें राम भक्त होने की सजा दिलाने पर आमादा हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार रामनवमी शोभायात्रा पर पथराव करने वालों को बचा रही है और उन राम भक्तों को ही फंसा रही है, जिन पर जानलेवा हमले हुए।
भाजपा सांसद ने कहा कि किसी को न बचाने और न फंसाने का जो दावा नीतीश कुमार करते रहे, वह उनके हाल के फैसलों से बिल्कुल झूठा साबित हो चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद सासाराम में सम्राट अशोक की जयंती पर गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम कराना चाहते थे। इससे पहले वहां सरकार के इशारे पर अपराधी तत्वों को शह देकर दंगा-जैसे हालात पैदा कर दिये गए, जिससे गृहमंत्री को यात्रा रद्द करनी पड़ी।
मोदी ने कहा कि सासाराम में उपद्रव शांत होने के लगभग एक महीने बाद जवाहर प्रसाद को उनके घर से गिरफ्तार किया गया ताकि उन असली दंगाइयों को बचाया जा सके, जो राष्ट्रीय जनता दल (राजद)-जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वोट बैंक से सीधा वास्ता रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब नीतीश कुमार ने 20 दिन पहले ही कह दिया था कि दंगे में भाजपा का हाथ था तब उनकी पुलिस उन्हें सही साबित करने के लिए जवाहर प्रसाद की गिरफ्तारी-जैसी एकतरफा कार्रवाई ही कर सकती थी।
भाजपा सांसद ने कहा कि जदयू का कुशवाहा खिसकने के बाद नीतीश कुमार बदले की भावना से कुशवाहा समाज को टारगेट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जवाहर प्रसाद के खिलाफ न कोई एफआईआर दर्ज हुआ था, और ना कोई आरोप था। वे शांति समिति की बैठकों में शामिल होते थे, फिर भी दंगे के एक महीने के बाद उनको गलत तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया। मोदी ने कहा कि रामभक्तों पर हमले करने वालों का बचाव, श्रीरामचरित मानस पर शिक्षा मंत्री की निंदात्मक टिप्पणी और अब हिंदू संत धीरेंद्र शास्त्री को जेल में डालने की जगदानंद की धमकी से जाहिर है कि महागठबंधन सरकार राजधर्म भूल कर हिंदू-विरोधी हो गई है।
भाजपा नेता ने पूछा कि जब भड़काऊ भाषण देने वाले मुसलिम सांसद असदुद्दीन ओवैसी को बिहार में आने की इजाजत है, तब संत धीरेंद्र शास्त्री जैसे गैर-राजनीतिक व्यक्ति का विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए धीरेंद्र शास्त्री का कार्यक्रम रोकने की कोशिश की गलती की तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
राम भक्तों को फंसाने में लगे नीतीश
