पटना : बिहार में पटना की एक अदालत ने भारी संख्या में कारतूस बरामद होने एक मामले में आज एक कथित नक्सलवादी को तीन वर्षों के कारावास की सजा के साथ 20 हजार रुपए का जुर्माना भी किया। प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी शिवम सिंह ने मामले में सुनवाई के बाद जहानाबाद जिले के मूल निवासी सुबोध कुमार सिंह उर्फ सुबोध जी को शस्त्र अधिनियम की धारा 25 एवं 26 के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह महीने के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। सहायक अभियोजन पदाधिकारी कॉसमॉस मुर्मू ने बताया कि नक्सलियों के ठिकानों और गतिविधियों की जांच के लिए एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र स्थित रामनगरी रोड में 13 नवंबर 2009 को छापेमारी की थी, जहां दोषी किराए के मकान में रहता था। पुलिस ने दोषी के कब्जे से 727 कारतूस और एक पिस्तौल के साथ नक्सली साहित्य एवं आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद किए जाने का दावा किया था। पुलिस के समक्ष दोषी ने स्वयं को एक प्रतिबंधित नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य बताया था। इस संबंध में राजीव नगर थाना कांड संख्या 157/2009 के रूप में मामले की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
