पटना : सुशील कुमार मोदी ने कहा कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विद्रोह विपक्षी एकता की पटना बैठक का परिणाम है, जिसमें राहुल गाँधी को प्रोजेक्ट करने की जमीन तैयार की जा रही थी। मोदी ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि बिहार में भी महाराष्ट्र-जैसी स्थिति बन सकती है, इसे भांप कर नीतीश कुमार ने विधायकों से अलग-अलग (वन-टू-वन) बात शुरू कर दी है ।उन्होंने कहा कि जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक-सांसद न राहुल गांधी को स्वीकार करेंगे, न तेजस्वी यादव को। पार्टी में भगदड़ की आशंका है।
भाजपा सांसद ने कहा कि जदयू पर वजूद बचाने का ऐसा संकट पहले कभी नहीं था, इसलिए नीतीश कुमार ने 13 साल में कभी विधायकों को नहीं पूछा। आज वे हरेक से अलग से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जदयू यदि महागठबंधन में रहा, तो टिकट बँटवारें में उसके हिस्से लोकसभा की 10 से ज्यादा सीट नहीं आएगी और कई सांसदों पर बेटिकट होने की तलवार लटकती रहेगी। यह भी विद्रोह का कारण बन सकता है। मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने विधायकों से बिना पूछे भाजपा से गठबंधन तोड़ा, लालू प्रसाद यादव से फिर हाथ मिलाया और बिहार में विकास की रफ्तार तोड़ी। इससे दल के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है । अब वन-टू-वन बातचीत से आग बुझने वाली नहीं है।
विपक्षी एकता बैठक के कारण एनसीपी में हुआ विद्रोह
