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बिहार से 2024 में खत्म हो जाएगी भाजपा

पटना : नीतीश कुमार ने विपक्षी एकजुटता और उनकी पार्टी जदयू के पिछले चुनावों में हासिल अधिक से अधिक सीटों के आंकड़ों के हवाले से आज दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खत्म हो जाएगी। कुमार ने शुक्रवार को शहीद दिवस के अवसर पर 11 अगस्त 1942 को आजादी के मतवाले सात अमर शहीद उमाकांत प्रसाद सिंह, रामानन्द सिंह, सतीश प्रसाद झा, जगतपति कुमार, देवी प्रसाद चौधरी, राजेन्द्र सिंह, राम गोविन्द सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं के वर्ष 2024 में भाजपा बिहार से खत्म हो जाएगी के इस सवाल पर कहा, “हां, बिल्कुल इसीलिए वे लोग घबराहट में हैं।

हमलोगों की एकजुटता का नतीजा अच्छा निकलेगा। वे लोग केवल प्रचार-प्रसार करते हैं, अब विकास का कोई काम नहीं हो रहा है। बिहार में जो भी काम हुआ सब हमलोगों ने किया है। हमलोगों ने विशेष राज्य के दर्जे की मांग की लेकिन क्या हुआ। अगर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता तो हमलोग कितना आगे पहुंच जाते। वे लोग बिहार को भूल जाते हैं। यह सबसे पौराणिक स्थल है। इसके इतिहास को उठाकर देख लीजिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जदयू के बारे में कुछ लोग बयान देते हैं कि वह तीसरे नंबर पर है लेकिन वर्ष 2005 में जब हमलोग चुनाव जीते तो हमलोग कितने नंबर पर थे, कितना वोट आया था हमलोगों को और भाजपा वालों को कितना वोट आया, देख लीजिए। वर्ष 2010 में क्या हुआ हमलोगों को 118 सीटें आईं और उनलोगों (भाजपा) को कितनी सीटें आईं, हमसे कम सीटें आईं। इस बार के चुनाव में हमलोगों को हराने का काम किया गया है। एजेंट के तौर पर अन्य लोगों को खड़ा कर हमलोगों को हराया गया। जनता सब जानती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे और उन्होंने इसके लिए मना कर दिया था लेकिन वे लोग बोलने लगे तो वह (श्री कुमार) उनलोगों की बात मान लिए।
कुमार ने कहा कि वर्ष 2009 में हमलोग लोकसभा का चुनाव साथ लड़े थे। हमलोग 25 सीट पर लड़े तो उसमें 20 पर जीते और भाजपा वाले 15 पर लड़े तो 12 जीते, ये सब बातें वो लोग भूल रहे हैं। हर चीज वे लोग भूल रहे हैं। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी उनको मानते थे। वह हमेशा उनका सम्मान करते रहेंगे, इनलोगों को जो मन में आए बोलते रहें। हमलोग काम करना जानते हैं और इन लोगों को सिर्फ बोलना है।

वे लोग जो घोषणा किए थे उसमें एक भी पूरा नहीं किए। हम देश के हित में काम करते हैं और राज्य के हित में यहां काम करते हैं। सबलोगों को एकजुट होना चाहिए, यह देश के हित में है। कोई इतिहास न बदले। आजादी की लड़ाई को न भुला दें इसीलिए हमलोग सबको एकजुट करने का काम कर रहे हैं। जब चुनाव की सरगर्मी शुरू होगी तो और पार्टियां भी हमलोगों के साथ आ जाएंगी।

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