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मंडियों तक पहुंची पौने दो करोड़ सेब की पेटियां

शिमला : हिमाचल प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सेब की फसल आधी है और प्राकृतिक आपदा की मार भी बागवानों को इस बार झेलनी पड़ी है। बावजूद इसके अभी तक मंडियों में एक करोड़ 75 लाख सेब की पेटियां पहुंच गई है, जबकि एमआईएस के तहत भी 51 हजार मीट्रिक टन सेब एचपीएमसी और हिमफेड ने खरीद लिया है। यह जानकारी बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को यहां दी। बागवानों से एमआईएस के तहत भी एचपीएमसी और हिमफैड भी सेब प्रीक्योर कर रहा है। एमआईएस के तहत खरीदे गए सेब की बागवानों की 40 करोड़ की देनदारी बाकी है। करीब 40 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं शेष देनदारी को भी सरकार शीघ्र दे देगी।
उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार ने प्राकृतिक आपदा से बेहतरीन ढंग से निपटते हुए सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाने का काम किया है। जबकि विपक्ष सेब की फसल सड़ने के बेबुनियाद आरोप लगा रहा था। किलो के हिसाब से सेब बेचने का विरोध हो रहा था, लेकिन सरकार ने किलो के हिसाब से सेब बेचने का निर्णय लागू किया और बागवानों को अच्छे दाम मिले हैं।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के सरकार गिरने के बयान पर कहा कि भाजपा मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रही है जबकि प्रदेश सरकार बेहतरीन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व 10 महीने की कांग्रेस सरकार में ही परेशान हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय 22 हजार से अधिक इंतकाल के मामले लंबित है इसके निपटारे के लिए राजस्व विभाग द्वारा 30 और 31 अक्टूबर को प्रदेश भर में दो दिनों के लिए इंतकाल दिवस मनाया जाएगा।
श्री नेगी ने बताया कि प्रदेश में राजस्व के हजारों मामले पेंडिंग पड़े हैं जिनमें 22000 से अधिक मामले इंतकाल के है। ऐसे में इंतकाल दिवस मनाने का फैसला लिया गया है । जहां अधिक से अधिक ऐसे मामलों को निपटाया जाएगा उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पेंडिंग मामलों की संख्या को देखते हुए प्रति माह इंतकाल दिवस मनाने की योजना है। राजस्व मंत्री ने जनता के राजस्व संबंधी मामलों को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि सरकार हर क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही है। जिसके चलते प्रदेश में विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है और आए दिन सरकार पर बे-बुनियाद आरोप लगाने में लगा है।

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