औरंगाबाद : बिहार के नक्सल प्रभावित औरंगाबाद जिले में पुलिस और विशेष कार्य बल (एसटीएफ) टीम की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा-माओवादी) के दो जोनल कमांडर समेत चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि किसी नक्सली घटना को अंजाम देने के लिए अवैध हथियार और कारतूस के साथ कुछ नक्सली बघोई टोला सत्यदेव नगर में सत्येन्द्र सिंह के घर पर रुके हुए हैं, जिसके आलोक में पुलिस और एसटीएफ टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक झोपडीनुमा दलान को घेराबंदी करते हुए चार नक्सलियों को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान नक्सलियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है और स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि वे भाकपा माओवादी संगठन से काफी दिनों से जुड़े हुए हैं । वे लेवी वसूलने का काम करते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए इनामी नक्सलियों में बंदेया थाना क्षेत्र के मलहद गांव निवासी विनय रविदास उर्फ नटबोल्ट उर्फ सुधाकर उर्फ पुरुषोत्तम रविदास उर्फ रंजन रविदास एवं गोह थाना क्षेत्र के काजी बिगहा निवासी सुभाष यादव उर्फ गौरव है। ये दोनों नक्सली जोनल कमांडर है। दोनों नक्सलियों पर एक-एक लाख रूपये का इनाम है। वहीं दो अन्य नक्सलियों में दाउदनगर थाना क्षेत्र के अरही गांव निवासी सतेंद्र रविदास उर्फ विधायक जी एवं हसपुरा थाना क्षेत्र के बघोई टोला निवासी सत्येन्द्र सिंह शामिल हैं। इनके पास से तीन देसी कट्टा, आठ कारतूस एवं दो मोबाइल फोन बरामद किया गया है। नक्सली सुभाष यादव के खिलाफ़ औरंगाबाद ज़िले के रफीगंज, गोह, खुदवा एवं पौथू थाना में कई कांड दर्ज़ हैं, जिसमें इसकी तलाश की जा रही थी। वहीं इसके अलावा नक्सली विनय रविदास का भी अपराधिक इतिहास रहा है। इसके विरूद्ध गया ज़िले के आंती थाना में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है।
औरंगाबाद : दो इनामी समेत चार नक्सली गिरफ्तार
