पटना : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की पटना स्थित एक विशेष अदालत ने रिश्वत के मामले में एक बैंककर्मी को दो वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ 30 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। ब्यूरो के विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार ने मामले में सुनवाई के बाद रोहतास जिला स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की बिक्रमगंज शाखा के तत्कालीन लिपिक अशोक कुमार चौधरी को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह के साधारण कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
आरोप के अनुसार, 24 फरवरी 2011 को ब्यूरो के अधिकारियों ने दोषी अशोक कुमार चौधरी और उसी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक मुनाजिर आलम को एक व्यक्ति से 400000 रुपये का शिक्षा ऋण जारी करने के एवज में 7000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया था। शाखा प्रबंधक मुनाजिर आलम की मृत्यु सुनवाई के दौरान हो चुकी है।
रिश्वत मामले में बैंककर्मी को सजा
