अमृतसर : पंजाब सतर्कता विभाग ने अमृतसर इम्परूवमेंट ट्रस्ट (एआईटी) के लेखाकार विशाल शर्मा के विरुद्ध 45 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार का एक और मामला दर्ज किया है। विजीलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने शुक्रवार बताया कि 31 जनवरी 2024 को उक्त कर्मचारी के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7 के अधीन विजीलेंस ब्यूरो के थाना अमृतसर रेंज में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह केस अमृतसर के गाँव सुल्तानविंड के निवासी मेजर सिंह द्वारा दर्ज करवाई ऑनलाइन शिकायत के उपरांत दर्ज किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपनी यह शिकायत मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर ऑडियो-विजुअल सबूतों समेत दर्ज करवायी थी। जांच के बाद, विजीलेंस ब्यूरो अमृतसर रेंज ने शिकायत में दोषों को ठीक पाया, जिस कारण उक्त मुलजिम कर्मचारी के विरुद्ध यह मामला दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की आगे जांच जारी है।
प्रवक्ता ने बताया कि एआईटी का यह मुलाज़िम इस समय एक अन्य रिश्वत के मामले में आठ लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के दोष के अंतर्गत न्यायिक हिरासत के अधीन जेल में बंद है और इस केस में जल्दी ही उसे गिरफ़्तार करने के लिये प्रोडक्शन वारंट पर लाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि गत सात जनवरी, 2023 को दर्ज किये गये इस केस में, एक सह-दोषी एआईटी का क़ानूनी अफ़सर गौतम मजीठिया, जोकि ग्रीन फील्ड, मजीठा रोड़, अमृतसर का रहने वाला है, को पहले ही विजीलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ़्तार किया जा चुका है और वह भी न्यायिक हिरासत में है।
लेखाकार के खि़लाफ़ रिश्वत लेने का मामला दर्ज
