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जम्मू-कश्मीर में बारिश, हिमपात के आसार

श्रीनगर : मध्यम से तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (डब्ल्यूडी) के कारण शनिवार दोपहर से जम्मू-कश्मीर और इसके आसपास के इलाकों में बारिश और हिमपात होने का अनुमान है। श्रीनगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि डब्ल्यूडी के प्रभाव में 17 फरवरी (रात) से 21 फरवरी (दोपहर) तक लंबे समय तक बारिश का दौर जारी रहेगा जिससे जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर मध्यम बारिश तथा हिमपात होने की संभावना है।
इस दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और 17 फरवरी को देर रात तक ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात की संभावना है। आगामी 18 फरवरी को आमतौर पर बादल छाए रहेंगे तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या हिमपात का अनुमान है।
मौसम कार्यालय ने कहा कि अधिकांश स्थानों (मैदानी और निचले इलाकों) पर 19-20 फरवरी के दौरान हल्की से मध्यम बारिश या हिमपात के आसार हैं। साथ ही, कश्मीर घाटी में 19 फरवरी की दोपहर या शाम से 20 फरवरी की देर रात तक कुपवाड़ा, बारामूला, बांदीपोरा, गांदरबल, बडगाम, शोपियां और कुलगाम जिले के मध्य तथा ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है। इक्कीस फरवरी को दोपहर तक कई स्थानों पर हल्का से मध्यम हिमपात और उसके बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक 18 फरवरी को जम्मू संभाग में कई स्थानों पर हल्की बारिश और हिमपात की भी भविष्यवाणी की है जबकि 19-20 फरवरी को मैदानी इलाकों में गरज तथा बिजली के साथ रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होगी। ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम हिमपात होगा और रामबन, पुंछ, डोडा और किश्तवाड़ के अलग-अलग ऊंचे इलाकों में भारी हिमपात होगा। दोपहर या शाम तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम हिमपात, बारिश, गरज और बिजली चमकेगी और उसके बाद 21 फरवरी से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होगा।
मौसम विज्ञानियों ने एक सलाह भी जारी की है जिसमें कहा गया है कि मौसम प्रणाली के कारण सिंथन दर्रा, मुगल रोड, साधना और राजदान दर्रा, जोजिला आदि जैसे ऊंचे इलाकों और महत्वपूर्ण दर्रों की सड़कें अस्थायी रूप से बंद हो सकती हैं।
यात्रियों को तदनुसार योजना बनाने की सलाह दी जाती है जबकि किसानों को उपरोक्त अवधि के दौरान सिंचाई और उर्वरक का उपयोग रोकने तथा बगीचों एवं खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी जाती है। उपरोक्त अवधि के दौरान दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट होने की संभावना है।
मौसम कार्यालय ने कहा कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात न्यूनतम तापमान कुछ डिग्री नीचे गिर गया क्योंकि श्रीनगर में पिछली रात के शून्य से नीचे 2.5 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से नीचे 3.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में यह सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस कम था।
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय पर काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 1.2 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से नीचे 2.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दक्षिण कश्मीर के पिकनिक स्थल कोकेरनाग में पिछले दिन के शून्य से नीचे 0.3 के मुकाबले शून्य से नीचे 0.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
पर्यटक स्थल पहलगाम कश्मीर घाटी में सबसे ठंडा स्थान रहा हालांकि, न्यूनतम तापमान में कुछ डिग्री का और सुधार हुआ। पहलगाम में तापमान शून्य से नीचे 5.4 डिग्री के मुकाबले शून्य से नीचे 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर में चरवाहों की घाटी के लिए यह सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम था।
कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे 3.6 डिग्री के मुकाबले शून्य से नीचे 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और सीमावर्ती उत्तरी कश्मीर जिले के लिए यह सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम था। गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान मंगलवार को दर्ज शून्य से नीचे 4.5 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले शून्य से नीचे 4.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया और यह उत्तरी कश्मीर के प्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट के लिए सामान्य से 2.0 डिग्री सेल्सियस अधिक था।

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