पटना : पटना पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर फर्जी कॉल कर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी आदित्य कुमार की पैरवी करने के मामले में आज व्यवहार न्यायालय की एक विशेष अदालत में जेल में बंद चार अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
आर्थिक अपराध इकाई की विशेष अदालत के न्यायाधीश आदि देव न्यायालय में यह आरोप पत्र आर्थिक अपराध इकाई ने भारतीय दंड विधान की धारा 353, 387, 419, 420, 467, 468 और 120 (बी) तथा सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 (सी) एवं 66 (डी) के तहत मामले के जेल में बंद अभियुक्त पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र निवासी अभिषेक अग्रवाल उर्फ अभिषेक भोपालका, पटना सिटी के गुरहट्टा निवासी गौरव राज, पटना सिटी के खाजेकलां थाना क्षेत्र निवासी शुभम कुमार और पटना के एस. के. पुरी थाना क्षेत्र निवासी राहुल रंजन जायसवाल के खिलाफ दायर किया है। सभी अभियुक्त 16 अक्टूबर 2022 से जेल में बंद है।
गौरतलब है कि गया जिले के फतेहपुर थाना में शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जिसे थानेदार ने छोड़ दिया था। मामला उजागर होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को थानेदार के खिलाफ कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया था लेकिन थानेदार को एसएसपी ने मात्र चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इसको लेकर फतेहपुर थाने में तत्कालीन एसएसपी आदित्य कुमार समेत अन्य लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था और विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई थी।
आरोप के अनुसार, आईपीएस आदित्य कुमार के साथ मिलकर मामले के एक अन्य अभियुक्त अभिषेक अग्रवाल पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के नाम पर डीजीपी बिहार को फर्जी कॉल कर आदित्य कुमार के खिलाफ दर्ज मामले को रफा-दफा करने और विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का दबाव बनाता था। संदेह होने पर डीजीपी ने मामले की जांच कराई और अभिषेक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इस पूरे मामले को लेकर आर्थिक अपराध इकाई ने 15 अक्टूबर 2022 को मुकदमा संख्या 33/2022 दर्ज कर जांच कर रही है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आईपीएस आदित्य कुमार भूमिगत है और उनके खिलाफ उनकी उपस्थिति के लिए अदालत से इश्तिहार जारी किया जा चुका है।
फर्जी कॉल मामले में 4 के खिलाफ आरोप पत्र
