पटना : बिहार में पटना व्यवहार न्यायालय स्थित सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो की विशेष अदालत ने रिश्वत के मामले में पथ निर्माण विभाग के एक पूर्व स्थापना लिपिक को आज तीन वर्षों के सश्रम कारावास के साथ ही 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष न्यायाधीश मनीष कुमार द्विवेदी ने मामले में सुनवाई के बाद पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता कार्यालय भभुआ के तत्कालीन स्थापना लिपिक अरुण कुमार वर्मा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह महीने के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
मामले में निगरानी (ट्रैप) के प्रभारी विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने बताया कि दोषी स्थापना लिपिक को बिहार राज्य सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों ने 02 जून 2011 को पथ निर्माण विभाग के ही एक अवकाशप्राप्त कर्मचारी के भविष्य निधि राशि के भुगतान के लिए 15000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
रिश्वत मामले में लिपिक को सजा
