दरभंगा : बिहार में दरभंगा जिले की एक अदालत ने चर्चित सीताराम सहनी हत्याकांड मामले में करीब दो दशक बाद चार लोगों को उम्रकैद एवं 25-25 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर लोक अभियोजक चमक लाल पंडित ने सोमवार को यहां बताया कि कंसी मनिहास गांव निवासी चलित्तर सहनी ने अपने छोटे भाई सीताराम सहनी की हत्या के मामले में 27 नवंबर 2002 को सिमरी थाना में 22 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी संख्या 125/2002 दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में लिखा गया था कि उनका छोटा भाई सीताराम सहनी एवं अन्य कुंमरपट्टी गांव से अपने घर कनसी मनिहास लौट रहा था तभी पुरानी रंजिश को लेकर चौक के समीप विजयकांत ठाकुर समेत 22 लोगों ने भाई को घेरकर चाकू मारकर हत्या कर दी।
मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार तिवारी ने सोमवार को सीताराम सहनी हत्याकांड सत्र वाद संख्या 156/2015 की सुनवाई के बाद हत्या का आरोप प्रमाणित हो जाने पर सिमरी थाना क्षेत्र के कन्सी गांव निवासी अविनाश ठाकुर उर्फ मंटू ठाकुर, गुलटेन सहनी, तेतर सहनी और गुड्डू सहनी को उम्रकैद और 25-25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर एक-एक वर्ष का साधारण कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी।
मामले के दो अभियुक्तों की मौत हो चुकी है और सिर्फ चार लोगों के खिलाफ ही वाद का ट्रायल हुआ जिसमें सभी चार लोगों को उम्रकैद एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। गौरतलब है कि अविनाश कुमार ठाकुर उर्फ मंटू ठाकुर वर्तमान में दरभंगा जिला माकपा (सीपीएम) के जिला सचिव हैं। पूर्व में कन्सी पंचायत के मुखिया भी रह चुके हैं। वर्तमान में उनकी पत्नी कन्सी पंचायत की मुखिया हैं।
पंडित ने बताया कि इस मामले में एक सत्र वाद 156ए/2015 अलग से 12 लोगों के खिलाफ चल रहा है जिसकी सुनवाई अभी पूरी नहीं हुई है।
दरभंगा : हत्या के मामले में 4 को आजीवन कारावास
