रांची : राजेश ठाकुर ने कहा कि 18वीं लोक सभा के आम चुनाव की घोषणा तो हो चुकी है और देश का हर एक नागरिक इसमें भाग लेने के लिए उत्सकु है लेकिन लोकतंत्र खतरा मड़रा रहा है श्री ठाकुर ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत पूरी दुनिया में अपने लोकतंत्र मूल्यों और आदर्शों के लिए जाना जाता है। किसी भी लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव अनिवार्य होता है।
आपको तो मालूम ही होगा कि रीसेंटली किन-किन देशों में ऐसा हुआ है लेकिन सत्ताधारी दल द्वारा एक खतरनाथ खेल खेला गया है। इसके दूरगामी प्रभाव होंगे, पर ये स्पष्ट है कि इस तरीके से किसी राजनीतिक दल को असहाय बनाकर चुनाव लड़ने में बाधा उत्पन्न कर आप फ्री एंड फेयर इलेक्शन कभी नहीं कहा जा सकता।
ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र के उपर किस प्रकार का खतरा मंडरा रहा है, किस प्रकार से कांग्रेस पार्टी के बैंक खातों के उपर हमला हुआ और ये कोशिश की जा रही है कि फाइनेंशियली कांग्रेस पार्टी को पंगू बना दिया जाए। ये केवल कांग्रेस पार्टी के खातों पर नरेन्द्र मोदी सरकार का हमला नहीं है, बल्कि भारत के लोकतंत्र पर हमला है। अगर प्रमुख विपक्षी पार्टी वित्तीय तौर पर पूरी तरके से पंगू हो जाए, कोई कार्य नहीं कर सके, पब्लिसिटी के उपर पैसा नहीं खर्च कर सके, कैंपेन के उपर पैसा नहीं खर्च कर सके, अपने कैंडिडेट को पैसे नहीं दे सके, तो फिर चुनाव किस बात का है।चुनाव की घोषणा हो चुकी है, पिछले एक महीने से हमारे अपने बैंक अकाउंट्स में पड़े हुए 285 करोड़ रूपए का हम इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। हम लोगों को पब्लिसिटी के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अंदर स्लॉट बुक करने है। हमें सोशल मीडिया के अंदर इस्तेमाल करना है। हमें पोस्टर छपवाने हैं, हमें पैम्पलेट छपवाने है। अगर हम लोग वो काम भी नहीं कर सकते, तो किस प्रकार से लोकतंत्र जिंदा रहेगा और कैसा लोकतंत्र है ये।
