पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि आपदा प्रबंधन केवल राहत देने के लिए ही नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए भी है। श्री कुमार ने मंगलवार को यहां बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 15वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन सिर्फ राहत देने के लिए ही नहीं बल्कि लोगों को जागरूक करने के लिए भी है। नयी पीढ़ी के लोगों को इससे बहुत फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि जीविका समूह की महिलाएं बढ़िया काम कर रही हैं। आपदा के बारे में लोगों को जागरूक कर रही हैं। जीविका दीदियों की मांग पर ही उन्होंने शराबबंदी लागू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में बिहार में कमेटी बनाकर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शुरू करवा दिया गया। यहां अधिक वर्षापात और सुखाड़ दोनों की स्थिति बनी रहती है। इससे निपटने के लिये हमलोग हर वर्ष इसकी समीक्षा कर इसके लिये कार्य करते हैं। अधिकारी एक-एक चीज पर नजर रखते हैं ताकि लोगों को सुखाड़ और बाढ़ की स्थिति में पूरी मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि वह हमेशा कहते हैं कि सरकार के खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है।
श्री कुमार ने कहा कि बच्चे-बच्चियों, जीविका दीदियों, शिक्षकों, सभी को आपदा से बचाव के लिये एक-एक चीज जानना जरूरी है। सबको जागरूक करने की आवश्यकता है। लोगों को आपदा से बचाव की जानकारी होने से कम से नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि बिहार दिवस पर सबसे अच्छा कार्यक्रम आपदा प्रबंधन विभाग का ही होता है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) लोगों के बचाव के लिये काफी काम करते हैं। उनकी सरकार ने एनडीआरएफ की तर्ज पर एसडीआरएफ का गठन किया। एसडीआरएफ के रहने, सहने एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गयी। उन्होंने एसडीआरएफ की संख्या और बढ़ाने को कहा है ताकि उन्हें विभिन्न जिलों में रखा जा सके।
लोगों को जागरूक करेगा आपदा प्रबंधन
