गौरवशाली भारत

देश की उम्मीद ‎‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎ ‎‎

घर-घर जाकर शराबबंदी पर सर्वेक्षण पैसे की बर्बादी

पटना : सुशील कुमार मोदी ने कहा है राज्य में सभी राजनीतिक दल शराबबंदी के पक्ष में हैं तब फिर एक बार शराबबंदी पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना पैसे की बर्बादी है। मोदी ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि यदि सर्वेक्षण कराना ही था तो जातीय गणना के सर्वेक्षण में ही शराबबंदी से जुड़े प्रश्नों को शामिल किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा शराबबंदी का समर्थन किया है लेकिन इसके क्रियान्वयन में सरकार पूर्णतया विफल है।

खुले आम शराब बिक रही है। होम डिलीवरी हो रही है। थानों और प्रशासन की अवैध कमाई का जरिया शराबबंदी बन चुका है। भाजपा सांसद ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद गांव-गांव अवैध शराब का निर्माण चल रहा है। अन्य राज्यों से अवैध शराब के व्यापार को सरकार रोक नहीं पाई है, अन्यथा 2 करोड़ 16 लाख लीटर शराब जिसमें 75 लाख लीटर देसी शराब अभी तक जप्त की जा चुकी है, सरकार बताये ये कहाँ से आई है।
मोदी ने कहा कि छह लाख 27 हजार लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिसमें 80 प्रतिशत जमानत पर हैं। लेकिन, मात्र 1,522 लोगों को ही सजा हो पाई है, जो कुल गिरफ्तारी का 0.0002 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में कौन कहेगा कि शराबबंदी गलत है फिर इस पर अरबों खर्च करने का क्या औचित्य है। बिहार को प्रतिवर्ष शराबबंदी से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। अभी तक सरकार इसकी क्षतिपूर्ति का विकल्प खोज नहीं पाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *