चंपावत/नैनीताल : आगामी लोक सभा चुनावों के मद्देनजर भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाये जाने को लेकर बुधवार को दोनों देशों के अधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक संपन्न हुई।
बनबसा स्थित एनएचपीसी अतिथि गृह में संपन्न बैठक में भारत में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीमा पर शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष वार्ता की गयी। इस बीच सुरक्षा एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाये जाने पर खास सहमति बनी।
इसी के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाये जाने, संदिग्धों और अपराधियों के चिन्हीकरण के अलावा मादक द्रव्यों, मानव तस्करी की रोकथाम जैसे बिन्दुओं पर भी चर्चा की गयी। बैठक में नेपाल के भगोड़े घोषित, वांछित और गैर जमानती वारंट वाले अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही में तेजी लाये जाने को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच मंत्रणा हुई और अपराधियों पर रोक लगाये जाने को लेकर आपसी समन्वय बढ़ाने की वकालत की गयी।
बैठक में भारत की ओर से प्रतिबंधित मार्गो से तस्करी, नेपाली कसीनों में भारतीयों की बढ़ती गतिविधियों और नाव एंव राफ्ट के माध्यम से नदी पार कर प्रतिबंधित सामान की आवाजाही जैसे मुद्दे को भी नेपाली समकक्ष के सामने रखी गयी। अंत में बैठक में सीमा पर गश्त बढ़ाये जाने, सीसीटीवी से निगरानी करने के अलावा पुलिस पिकेट में बढ़ोतरी करने जैसे अहम बिन्दुओं पर चर्चा की गयी।
पुलिस अधीक्षक अजय गणपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में नेपाल के कंचनपुर के एसपी चक्रराज जोशी के अलावा यातायात एंव गड्ढा चैकी के अधिकारी शामिल थे। भारत की ओर से बैठक में एसएसबी (57 बटालियन) के डिप्टी कंमाडेंट अनुराग, सहायक कंमांडेंट राम नारायण विश्वास, सहायक कंमांडेंट (पांचवीं बटालियन) भागीरथ लावा के अलावा सीओ टनकपुर शिवराज सिंह राणा तथा कस्टम और पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था व निगरानी बढाने पर जोर
