पटना : बिहार में पटना व्यवहार न्यायालय स्थित अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की विशेष अदालत ने एक व्यक्ति को दलित महिला के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में आज दोषी करार देने के बाद 3 वर्ष छह माह के सश्रम कारावास के साथ 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश पंकज चौहान ने मामले में सुनवाई के बाद पटना के नगरनौसा थाना क्षेत्र स्थित परसिया गांव निवासी संतोष कुमार को भारतीय दंड विधान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम की अलग अलग धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई।
जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को दो वर्ष छह महीने के कारावास की सजा अलग से भुगतानी होगी। विशेष लोक अभियोजक श्याम नंदन सिंह ने बताया कि दोषी ने एक अनुसूचित जाति की महिला के साथ जमीन बिक्री करने के नाम पर 11लाख 75 हजार रुपये की धोखाधड़ी की और रुपये वापस मांगने पर उसे जाति सूचक गाली एवं धमकी दी थी। इस संबंध में दलित महिला की शिकायत पर पत्रकार नगर थाने में मुकदमा संख्या 404/2018 दर्ज किया गया था।
