छपरा : बिहार में सारण जिले के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उत्तर रेलवे, नई दिल्ली के महाप्रबंधक (वाणिज्य) को एक यात्री को शारीरिक एवं मानसिक कष्ट पहुचाने का दोषी पाते हुए 25 हजार जुर्माना तथा मुकदमा में हुये खर्च के लिए अलग से पांच हजार रुपये देने का सोमवार को आदेश जारी किया ।
दो सदस्यीय आयोग में अध्यक्ष विरेंद्र प्रताप सिंह एवं सदस्य मनमोहन कुमार की पीठ ने सुनवाई के उपरांत उक्त आदेश दिया है। इसके साथ ही आयोग ने आदेश दिया है कि अगर विपक्षी द्वारा दो माह के अंदर राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो उन्हें आवेदक को 9 फीसदी ब्याज की दर से भुगतान करना होगा।
सलेमपुर मोहल्ला निवासी मकेश्वर प्रसाद सिंह ने उपभोक्ता आयोग में एक परिवाद संख्या 108/2014 दाखिल किया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि 21 अप्रैल 2014 को वे दिल्ली कैंट से छपरा के लिए गरीब नवाज एक्सप्रेस में एसी फर्स्ट क्लास का 2967 रुपये का टिकट उन्होंने लिया था। लेकिन निश्चित तिथि को उक्त ट्रेन में एसी फर्स्ट क्लास का डब्बा नहीं लगाया गया और उनको दूसरे क्लास में सीट दिया गया, जिसका टिकट का मूल्य कम था जिससे वह काफी मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हुए।
उन्होंने आरोप में कहा कि वे दिल के मरीज हैं और अपने घुटने का प्रत्यारोपण कराने के लिए वे दिल्ली एम्स गए हुए थे। मामले को लेकर सिंह ने रेलवे बोर्ड में 22 अप्रैल 2014 को एक टीडीआर भी भरा था , लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई अंत में उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और आयोग में परिवाद दाखिल किया गया था।
