छपरा : बिहार में सारण जिले की एक सत्र अदालत ने अपनी पत्नी की हत्या करने वाले दोषी पति को आज 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम सुधीर सिन्हा ने इस मामले की अंतिम सुनवाई के बाद अंजुम आरा की हत्या के मामले में परसा थाना क्षेत्र के अन्याय निवासी एवं मृतका के पति राजू को भारतीय दंड विधान की धारा 304 बी के तहत दस वर्ष सश्रम कैद की सजा सुनाई है।
गौरतलब है कि भेल्दी थाना क्षेत्र के लगनपुरा निवासी असलम खान ने 02 अप्रैल 2018 को परसा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें उसने कहा था कि उसकी पुत्री अंजुम आरा की शादी 11 महीना पूर्व अब्दुल मियां के पुत्र राजू से हुई थी। उन लोगों द्वारा दहेज में 50 हजार नगद एवं एक मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित किया करते थे। 02 अप्रैल को उसकी बहन के ससुराल से उन्हें फोन आया कि उनकी पुत्री की हत्या कर दी गई है।
सूचना पर जब वे वहां गये तो पुत्री का शव पलंग पर पड़ा हुआ था और घर के सभी सदस्य फरार थे। वे स्थानीय थाना गये और पुलिस द्वारा उनकी पुत्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। उन्होंने प्राथमिकी में पुत्री के पति, सास, ससुर एवं देवर समेत छह लोंगो को अभियुक्त बनाया था। पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले में अभियोजन की ओर से छह गवाहों की गवाही करायी गयी है। मामले में सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार चौधरी और सहायक रविन्द्र पंडित ने आरोपित को मुजरिम करार देते हुए कठोर सजा दिये जाने का अदालत से आग्रह किया तो वहीं बचाव पक्ष ने आरोपित के पक्ष में बहस किया।
महिला के हत्या मामले में दोषी पति को सजा
