दरभंगा : बिहार में दरभंगा जिले की एक अदालत ने सोमवार को दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को दस वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
व्यवहार न्यायालय, दरभंगा के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभात कृष्ण की अदालत ने दहेज की मांग को लेकर अपनी नवविवाहिता पत्नी की हत्या करने के जुर्म में कमतौल थाना क्षेत्र के सिरहुल्ली गांव निवासी सतीश यादव को दस साल का सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने 23 फरवरी को ही मामले की सुनवाई पूरी कर अभियुक्त को भादवि की धारा 304(बी)/34(दहेज हत्या) और धारा 201/34 (साक्ष्य छुपाना) में दोषी करार दिया था।
अदालत ने अभियुक्त के सजा के बिन्दु पर बचाव और अभियोजन पक्ष की बहस आज सुनने के बाद भारतीय दंड विधान की धारा 304(बी)/34 में 10 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड और धारा 201/34 में 3 वर्षों का कारावास तथा 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को क्रमशः छह माह और तीन माह की अतिरिक्त सजा भूगतनी पड़ेगी।
सहायक लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 19 जून 2016 को पति सतीश यादव ने शादी के महज चार माह बाद ही अपनी नवविवाहिता पत्नी विभा देवी को दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर मिट्टी तेल छिड़क कर जला दिया। ईलाज के क्रम में विभा देवी की मृत्यु हो गई। मृतिका के पिता मनोरथ यादव ने अपनी पुत्री की हत्या को लेकर मृतका के पति, ससूर, सास और दो देवर के विरुद्ध कमतौल थाना में में नामजद प्राथमिकी 91/16 दर्ज कराई थी। कांड के अनुसंधानक ने सिर्फ पति सतीश यादव के विरूद्ध अनुसंधान पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया जिसमें यह फैसला सुनाया गया है। मामले के अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध अनुसंधान अभी भी जारी है।
पत्नी की हत्या के मामले में पति को सश्रम कारावास
