पटना : नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता को समय की मांग बताया और कहा कि यदि सभी साथ मिलकर चलें तो वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 100 सीटों के नीचे आ जाएगी।
कुमार ने शनिवार को यहां भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के 11 वें महाधिवेशन के अवसर पर कृष्ण मेमोरियल हाॅल में ‘संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ’ राष्ट्रीय कन्वेंशन को संबोधित करते हुए कहा, “देश में व्यापक विपक्षी एकता का निर्माण हो, यह समय की मांग है। हम कांग्रेस के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।” उन्होंने मंच पर बैठे कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद से कहा कि यह संदेश कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा दिया जाए। यदि हम सभी मिलकर चलें तो भाजपा 100 के नीचे आ जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोला और कहा कि आजादी की लड़ाई में इनलोगों की कोई भूमिका नहीं थी, लेकिन आज आजादी की लड़ाई को भुनाने का प्रयास कर रहे हैं और नया इतिहास बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश दो भागों में बंट गया लेकिन देश में विभिन्न धर्माें को मानने वालों में लंबे समय से एकता रही है। हम सबको इस एकता को और मजबूत करना है।
कुमार ने कहा कि कहा कि साल भर पहले भाजपा से अलग होने की बात उनकी पार्टी में चल रही थी और अंततः हम उनसे अलग हो गए। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर आज काम कर रहे हैं। भाजपा से अलग होने पर सभी ने स्वागत किया। अब अधिक से अधिक पार्टियों को एकजुट करके लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे, तभी भाजपा से देश को मुक्ति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि देश में अधिक से अधिक पार्टी एकजुट हो। उन्होंने कहा कि माले के लोगों की वह इज्जत और स्वागत करते हैं। उनकी एक ही ख्वाहिश है देश को एकजुट करना, देश को अलग करने वाली ताकतों को खत्म करना। वह पहले भी साथ चले थे और एक बार फिर साथ चल रहे हैं। महाधिवेशन के लिए पटना के चुनाव पर उन्होंने भाकपा-माले को धन्यवाद दिया।
सभी मिलकर चले तो भाजपा 100 के नीचे आ जाएगी
