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बिहार में लोक वित्त एवं नीति संस्थान की होगी स्थापना

पटना : बिहार सरकार ने आर्थिक नीति निर्माण एवं समीक्षा के लिए एक अलग स्वायत्त एवं सुदृढ संस्था बिहार लोक वित्त एवं नीति संस्थान की स्थापना करने का निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान की तरह प्रदेश के वित्त विभाग को शोध सहायता प्रदान करने तथा वित्तीय मामलों में अनुसंधान संस्था के रूप में काम करने के लिए वर्ष 2008 में एशियाई विकास शोध संस्थान (आद्री) के तहत लोक वित्त एवं आर्थिक नीति केंद्र (सीईपीपीएफ) की स्थापना की थी। उन्होंने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में राज्य सरकार के कार्यों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। वर्तमान में सीईपीपीएफ आद्री का एक केंद्र है। इस पर आद्री का बायलॉज लागू है, जिससे इस केंद्र के पेशेवर कार्यकलाप तथा प्रशासनिक कार्यों में व्यवहारिक कठिनाई हो रही है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इस केंद्र की गुणवत्ता के स्तर को और बेहतर बनाने तथा कालबद्ध तरीके से दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित कराने के लिए सीईपीपीएफ को आद्री से अलग करते हुए तथा संगठन को अधिक स्वायत्त एवं सुदृढ करने के लिए राज्य सरकार के अधीन एक अलग संस्था बिहार लोक वित्त एवं नीति संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि बैठक में कुल 13 प्रस्ताव स्वीकृत किये गए हैं।

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