बिजली की बढ़ी हुई दरों और राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे
पटना : बिहार विधानसभा में आज प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति, बिजली की बढ़ी हुई दरों के प्रभाव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किये जाने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। विधानसभा में मंगलवार को कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार ने अपराध, अपहरण, हत्या, बिहार के मंत्री इजराइल मंसूरी की एक हत्या के मामले में संलिप्तता, शिक्षकों की नियुक्ति, बिजली की बढ़ी हुई दरें और कृषि रोडमैप से संबंधित मुद्दों पर कोई जवाब नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही इन मुद्दों पर कार्यस्थगन की सूचना दे चुके हैं लेकिन कोई बहस नहीं हुई।
सिन्हा ने कहा कि जब सरकार जवाब देने को तैयार नहीं है और इतने महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस नहीं हो रही है तो सदन चलाने की प्रासंगिकता क्या है। उन्होंने कहा कि चौथे कृषि रोडमैप की शुरुआत तीसरे कृषि रोडमैप का कोई सर्वेक्षण किए बिना ही हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि क्षेत्र में सब्सिडी और अन्य संबंधित मुद्दों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है।
इस बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह से लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने इस मुद्दे पर सदन में बहस कराये जाने की मांग की। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा-माले) के सत्यदेव राम ने सरकार से राज्य में भूमिहीनों को 10 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने की नीति बनाने की मांग की। बाद में सभाध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही में बाधा नहीं डालने की अपील की और प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की।
