पटना : बिहार में पटना स्थित सतर्कता अन्वेषण ब्यूरो की एक विशेष अदालत ने रिश्वत के मामले में आज एक मुखिया को तीन वर्षों के सश्रम कारावास के साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने मामले में सुनवाई के बाद नालंदा जिले के राजगीर स्थित राज पथरोरा पंचायत के तत्कालीन मुखिया अनुज कुमार को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7ए के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है।
जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को तीन महीने के कारावास की सजा अलग से भुगतानी होगी। विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने बताया कि 07 अगस्त 2018 को ब्यूरो के अधिकारियों ने दोषी मुखिया को एक वार्ड सदस्य से मुख्यमंत्री नाली गली निश्चय योजना के तहत किए गए निर्माण की राशि का चेक जारी करने के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए अदालत में 11 गवाहों का बयान कलमबंद करवाया था।
