पटना : नीतीश कुमार ने मंगलवार को अचानक राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की, जिसके बाद सियासी गलियारे में एक बार फिर से कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर आयोजित राजकीय समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव और वित्त मंत्री विजय चौधरी के साथ मौजूद थे और वहां से वह सीधे श्री चौधरी के साथ राजभवन चले गए। श्री आर्लेकर के साथ उनकी यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली। इसके बाद वह बिना पत्रकारों से बातचीत किए अपने आवास आवास लौट गए ।
इस मुलाकात में तेजस्वी यादव के नहीं होने की वजह से भी कयासबाजी को हवा मिल गई। उधर मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात को सामान्य शिष्टाचार भेंट बताया है । बताया जा रहा है कि श्री कुमार विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर चर्चा के लिए राजभवन गए थे। इस बीच सियासी कयासबाजी को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी हवा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्री मांझी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, “खेला होबे”। उन्होंने इसे बांग्ला के
