पटना : बिहार सरकार ने पंचायती राज विभाग के अधिकारों में बड़ा फेरबदल करते हुए आज महत्वाकांक्षी नल जल योजना के संचालन की जिम्मेवारी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) को सौंप दी। अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। सिद्धार्थ ने बताया कि पेयजल आपूर्ति योजना के सतत संचालन एवं रख रखाव के लिए अनुरक्षण नीति अलग अलग होने के कारण एकरूपता का अभाव पाया गया है। इसके आलोक में पंचायती राज विभाग के नियंत्रणाधीन ग्रामीण वार्डों के 67355 जलापूर्ति योजनाओं को सतत संचालन एवं रख रखाव के लिए पीएचईडी को हस्तांतरित किए जाने का निर्णय लिया गया है। पीएचएचडी प्रति नल जल योजना के लिए प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये खर्च करेगा। पीएचईडी विभाग योजना को मरम्मत करने के लिए अतिरिक्त मानव बल भी उपलब्ध कराएगा। सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार में चौथा कृषि रोडमैप के प्रस्ताव की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। वर्ष 2023-28 तक के लिए कुल एक लाख 62 हजार 268 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कृषि रोडमैप के चौथे संस्करण में कृषि उत्पाद की उपज में वृद्धि होगी। साथ ही सिंचाई और पर्यावरण संरक्षण होगा।
