हिसार : हरियाणा में हिसार स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय रबी कृषि मेला में करीब एक लाख किसान शामिल हुये ।
मेले के आज दूसरे दिन भी किसानों की भारी गहमा-गहमी रही। मेले में दोनों दिन हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश राज्यों से करीब एक लाख 31 हजार किसान शामिल हुए। किसानों ने करीब एक करोड़ 50 लाख रुपए के रबी फसलों और सब्जियों की उन्नत एवं अनुशंसा की गयी किस्मों के प्रमाणित बीज तथा फलदार पौधों की नर्सरी खरीदी। विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है कि इतनी भारी संख्या में किसानों ने कृषि मेला में भाग लिया है।
मेले के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. जीत राम शर्मा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने किसानों को इस प्रकार के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें खेती संबंधी नवीन ज्ञान प्राप्त होगा तथा कृषि संबंधी अपनी समस्याओं का कृषि वैज्ञानिकों से हल प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने किसानों से कृषि में सिंचाई जल के प्रबंधन और पराली और फसल अवशेषों को जलाने की अपेक्षा उनका यथास्थान मशीनीकृत प्रबंधन करने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि किसानों को आगामी रबी मौसम की फसलों और सब्जियों के बीज तथा फलों की नर्सरी उपलब्ध करवाने के लिए विश्वविद्यालय ने मेला स्थल पर सरकारी बीज एजेंसियों के सहयोग से बीज बिक्री की पर्याप्त व्यवस्था की थी। बीज के अलावा किसानों ने 68 हज़ार रूपए का कृषि साहित्य भी खरीदा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि मेले में किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म का भ्रमण करवाकर उन्हें वैज्ञानिक विधि से उगाई गई फसलों के प्रदर्शन प्लॉट दिखाए गए तथा उन्हें जैविक खेती, खेती में जल और प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, कृषि उत्पादन व गुणवत्ता बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस अवसर पर किसानों ने विश्वविद्यालय की ओर से मिट्टी व पानी जांच के लिए की गई व्यवस्था का भी लाभ उठाया। इनके अतिरिक्त किसानों ने प्रश्रोत्तनरी सभाओं में भाग लेकर वैज्ञानिकों से कृषि व पशुपालन संबंधी अपनी समस्याओं एवं शंकाओं को दूर किया तथा उनके लिए आयोजित हरयाणवी सांस्कृतिक कार्यक्रम में मनोरंजन किया।
हकृवि के कृषि मेले में एक लाख 31 हजार किसान हुए शामिल
